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बंदर-और-मगरमच्छ-की-चालाकी-–-The-Monkey-and-the-Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी – The Monkey and the Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी  गहरे और शांत बहते नदी के किनारे एक पुराना जामुन का पेड़ था। उसकी डालियाँ दूर तक फैली थीं और हर मौसम में उस पर रसीले, गहरे रंग के जामुन खूब लगते थे। पेड़ के ऊपर रहता था एक चुस्त बंदर। उसे पेड़, नदी और आसपास का पूरा इलाका अच्छी […]

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गोकर्ण-का-शिवलिंग---Gokarna-Shiva-Linga

गोकर्ण का शिवलिंग – Gokarna Shiva Linga

गोकर्ण का शिवलिंग एक दिन लंका के समुद्र तट पर रावण टहल रहा था। उसने देखा कि उसकी माता ने समुद्र के किनारे की मिट्टी से अपने हाथों से एक शिवलिंग बनाया था। वह उस लिंग की पूजा कर रही थीं, और उनकी पूजा के बाद लहरें उस लिंग को बहा ले जाती थीं। यह […]

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the-milkmaid-and-her-pail-story

दूधवाली और उसकी मटकी

एक ग्वालिन थी जिसका नाम पारो था। एक दिन उसने अपनी गाय का दूध निकाला और दो बाल्टी भरकर ताजा दूध लेकर बाजार चल दी। उसने दोनों बाल्टियों को एक डंडे पर लटकाया और बेचने के लिए रवाना हुई। बाजार जाते हुए उसके मन में धन के ख्याल आने लगे। वह सोचने लगी कि दूध […]

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एकता में ही बल है - Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है – Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है एक समय की बात है, एक बूढ़े पिता थे और उनके चार पुत्र थे। चारों पुत्र अब युवावस्था में आ चुके थे। हर कोई बीस के दशक में था और दुनिया को जीतने के लिए तैयार था। वे सभी शिक्षित थे, पर समस्या यह थी कि वे आपस में एक […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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भेड़िया-और-सच्चा-कुत्ता-–-The-Wolf-and-the-Loyal-Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता – The Wolf and the Loyal Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता एक बड़ा सा गाँव था, जहाँ चारों तरफ हरियाली फैलती थी और दूर तक गेहूँ के खेत चमकते थे। गाँव के लोग मेहनती थे और रात को खेतों की रखवाली करना सबसे कठिन कामों में गिना जाता था। कई बार जंगली जानवर खेत में घुसने की कोशिश करते, इसलिए गाँव वाले […]

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kishkindha-kanda-ki-pavan-katha-6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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singhasan-battisi-story-11-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 – त्रिलोचनी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 ग्यारहवें दिन, राजा भोज धीरे-धीरे राज्याभिषेक की ओर बढ़े। तभी ग्यारहवीं गुड़िया त्रिलोचनी प्रकट हुई और उन्होंने राजा के सामने राजा विक्रमादित्य की एक अन्य कथा कहनी शुरू की। “राजा भोज, मेरा नाम त्रिलोचनी है। मैंने इस सिंहासन के महान शासक राजा विक्रमादित्य की लंबे समय तक सेवा की है। मैंने […]

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लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

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चांडाल-का-जीवन-और-उद्धार---Chandalas-Life

चांडाल का जीवन और उद्धार – Chandalas Life

चांडाल का जीवन और उद्धार एक दिन की बात है, एक चांडाल श्री गुरु नरसिंह सरस्वती के निवास स्थान से गुज़र रहा था। उसने गुरुदेव को देखा और उनके प्रति अपने हृदय में एक गहरी जिज्ञासा जागी। वह गुरु के चरणों में आकर बैठ गया और विनम्रतापूर्वक पूछने लगा, “हे गुरुदेव, मैं इस जन्म में […]

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