हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

बुलबुलों-का-आकाश-Sky-of-Bubbles

बुलबुलों का आकाश – Sky of Bubbles

बुलबुलों का आकाश दूर एक छोटे से गाँव में एक बच्चा रहता था जिसका नाम रोहित था। वह हर शाम अपने घर की छत पर बैठकर आसमान को देखता रहता था। उसे लगता था कि आसमान कभी-कभी बहुत खाली है, जैसे उसमें कुछ मज़ेदार होना चाहिए। एक रात वह हवा में तैरते हल्के नीले चमकदार […]

Continue Reading
सामान्यता-की-वापसी---Normalcy-Restored

सामान्यता की वापसी – Normalcy Restored

सामान्यता की वापसी एक समय की बात है, भगवान शिव गहन ध्यान में बैठे थे। अपनी समाधि के दौरान वे एक साथ कई लोकों का सृजन और संहार कर रहे थे, ताकि मानव मन ईश्वर की खोज करे और उनके प्रति समर्पण की भावना सीखे। परंतु उनकी पत्नी माता पार्वती इस ध्यान के महत्व को […]

Continue Reading

झूठा गडरिया

एक गाँव में एक लापरवाह गडरिया लड़का अपने पिता के साथ रहता था। एक दिन पिता ने उसे समझाया कि अब वह काफी बड़ा हो गया है और भेड़ों की देखभाल का दायित्व संभाल सकता है। इसलिए प्रतिदिन उसे भेड़ों के झुंड को हरे भरे मैदानों में ले जाना और उन्हें चरते हुए पहरा देना […]

Continue Reading
The Softly Speaking Waves of the River

नदी की धीमी बोलती लहरें – The Softly Speaking Waves of the River

नदी की धीमी बोलती लहरें शांतपुर नाम के छोटे, सुंदर और हरे-भरे कस्बे में एक दस साल का लड़का रहता था, जिसका नाम था पार्थ। पार्थ को हमेशा से प्रकृति के करीब रहना अच्छा लगता था। दूसरे बच्चे मोबाइल में गेम खेलते या टीवी देखते रहते, लेकिन पार्थ का मन नदी, पेड़, मिट्टी और हवा […]

Continue Reading
अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान  बहुत समय पहले की बात है। उत्तरी पर्वतों से घिरे एक शांत और समृद्ध राज्य का नाम था अग्निकाश। यह राज्य कृषि, संस्कृति और देवपूजा के लिए प्रसिद्ध था। लोग प्रकृति की पूजा करते और विशेष रूप से अग्निदेव का आभार मानते, क्योंकि उनका विश्वास था कि अग्निदेव ही राज्य में उष्मा, […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

Continue Reading
लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल - Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल – Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में केशव नाम का एक छात्र यांत्रिक इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। केशव एक मेधावी छात्र था। वह आठ सेमेस्टर के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ रहा था। पिछले पांचों सेमेस्टर में केशव ने डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्णता प्राप्त की थी। […]

Continue Reading
The-Ant,-Bird-&-Hunter---चींटी,-पक्षी-और-शिकारी-की-कथा

चींटी, पक्षी और शिकारी की कथा – The Ant, Bird & Hunter

चींटी, पक्षी और शिकारी की कथा एक बार की बात है, एक छोटी-सी चींटी भोजन की खोज में नदी के किनारे घूम रही थी। दिन का समय था और नदी का प्रवाह बहुत तेज था। चींटी जैसे ही एक पत्थर पर चढ़कर आगे बढ़ी, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर पड़ी। […]

Continue Reading
ईमानदार शिष्य - The Persistent Student

ईमानदार शिष्य – The Persistent Student

ईमानदार शिष्य श्री गुरु नरसिंह सरस्वती प्रायः एक किसान शिष्य के खेत के पास से गुज़रते थे। शिष्य गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा रखता था। जब भी गुरुजी उधर से निकलते, वह श्रद्धा से सिर झुकाकर उनके चरणों में गिर पड़ता। यह दृश्य नित्य का हो गया था। एक दिन गुरुजी ने उसकी इस अटूट […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-27-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 – मलयावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 मलयावती, जो राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की सत्ताइसवीं गुड़िया थी, राजा भोज के सामने प्रकट होकर स्वयं का परिचय देते हुए बोली, “मेरा नाम मलयावती है। मैं उन बत्तीस अद्भुत गुड़ियों में से एक हूँ जिनमें विक्रमादित्य की अद्भुत स्मृतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग सुरक्षित हैं। हमारे स्वामी अतुलनीय विद्वान, दयालु, धर्मनिष्ठ […]

Continue Reading