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श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता - Krishna & Kuchela (Sudama)

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता – Krishna and Sudama

श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता प्राचीन काल में गुरु सांदीपनी के आश्रम में दो मित्र पढ़ते थे – श्रीकृष्ण और सुदामा। दोनों में गहरी मैत्री थी। समय बीता, श्रीकृष्ण द्वारिकापुरी के समृद्ध राजा बन गए, जबकि ब्राह्मण सुदामा गरीबी में जीवन व्यतीत करने लगे। सुदामा का विवाह हुआ, संतानें हुईं, किंतु दरिद्रता ने उनका पीछा […]

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चांद-के-बच्चों-का-खोया-हुआ-खिलौना---The-Lost-Toy-of-the-Moon-Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना – The Lost Toy of the Moon Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना रात का आसमान बिल्कुल शांत था, और पूरा गाँव हल्की नींद में डूबा था। घरों की छतों पर चांदनी ऐसे फैली थी जैसे किसी ने सफेद रेशम बिछा दिया हो। इसी शांत रात में गाँव की छोटी बच्ची अन्वी अपनी खिड़की से आसमान देख रही थी। उसे चांद […]

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बोलता-हुआ-पेड़-The-Talking-Tree

बोलता हुआ पेड़ – The Talking Tree

बोलता हुआ पेड़ हरी पहाड़ियों और साफ नीले आसमान के बीच बसा एक शांत गाँव था, जहाँ लोग मेहनती थे और बच्चों की हँसी हर तरफ गूँजती थी। इस गाँव के बीच एक छोटा जंगल था, जिसे लोग कम ही पार करते थे। जंगल में एक बहुत पुराना पेड़ था, जिसका तना चौड़ा और पत्ते […]

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हवा-में-उड़ती-नाव-Flying-Boat

हवा में उड़ती नाव – Flying Boat

हवा में उड़ती नाव एक शांत से गाँव में कई बच्चे रहते थे जो हमेशा नई रोमांचक चीज़ों के सपने देखते थे, लेकिन उनके खेल अक्सर जमीन तक ही सीमित रहते थे। कभी पेड़ों पर चढ़ना, कभी पतंग उड़ाना और कभी नदी किनारे दौड़ लगाना। पर वे आसमान को देखकर हमेशा सोचते कि काश वे […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: क्षमा की महानता भाग अठारह

विक्रम और बेताल: क्षमा की महानता  रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि में हल्की धुंध घिरी हुई थी, और हवा की सरसराहट में सूखे पत्तों की भँभोर जैसी आवाज गूँज रही थी। पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकरा रही थीं, मानो किसी अदृश्य शक्ति के साथ संघर्ष कर रही हों। उस अंधकार और रहस्यमय […]

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चींटी-और-कबूतर-की-मित्रता

चींटी और कबूतर की मित्रता

एक बार की बात है, एक प्यासी चींटी नदी से पानी पी रही थी। अचानक वह संतुलन खो बैठी और नदी के पानी में गिर गई। चींटी जोर-जोर से चिल्लाने लगी, “बचाओ! बचाओ!” परंतु उसकी पुकार कोई नहीं सुन पाया। पास ही एक पेड़ पर बैठी एक कबूतर ने चींटी को संकट में देखा। उसने […]

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शेर और चतुर खरगोश: The Clever Rabbit and the Lion

The Clever Rabbit and the Lion

शेर और चतुर खरगोश: The Clever Rabbit and the Lion जंगल के हरे-भरे मैदानों में कई जानवर रहते थे। वहां बड़े-बड़े पेड़, रंग-बिरंगे फूल और चहचहाते पक्षी जंगल को जीवंत बनाते थे। लेकिन इसी जंगल में एक शेर था, जो बहुत ही क्रूर और भूखा था। वह रोज किसी न किसी जानवर का शिकार करता […]

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Ego-&-Arrogance-Causes-a-Mighty-Fall---अहंकार-का-पतन

अहंकार का पतन – Ego & Arrogance Causes a Mighty Fall

अहंकार का पतन हैदराबाद के निकट वेमुलवाड़ा नगर में एक शिव मंदिर है, जहाँ राजराजेश्वर स्वामी विराजते हैं। उनके एक भक्त को एक वेश्या से प्रेम हो गया और उससे एक पुत्र उत्पन्न हुआ। भक्त विद्वान था और पुत्र भी प्रतिभाशाली निकला, जिसका नाम बीमा रखा गया। काव्य प्रतिभा के कारण वह “बीमा कवि” के […]

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शेर-और-चापलूस-सियार-–-The-Lion-and-the-Flattering-Jackal

शेर और चापलूस सियार – The Lion and the Flattering Jackal

शेर और चापलूस सियार  घने जंगल के बीच एक पुराना रास्ता था जो पेड़ों की छाया से भरा रहता था, उसी रास्ते के पास शेर दुरंग रहता था। दुरंग अपनी ताकत और तेज दहाड़ के लिए मशहूर था, लेकिन असल में वह बूढ़ा हो रहा था और उतना फुर्तीला नहीं रहा था। जंगल के कई […]

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singhasan-battisi-story-28-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 28 – वैदेही की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 28 राजा भोज जब अट्ठाईसवें दिन पुनः सिंहासन पर बैठने हेतु आगे बढ़े, तभी अट्ठाईसवीं गुड़िया वैदेही उनके सामने प्रकट हुई। उसने स्वयं का परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मेरा नाम वैदेही है। मैं इस सिंहासन की अट्ठाईसवीं गुड़िया हूँ। क्या आपको कभी देवेंद्र इंद्र ने अपने सिंहासन पर बैठने के […]

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