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तोता-और-वृद्ध-व्यापारी---Parrot-and-the-Old-Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी – Parrot and the Old Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी एक समय की बात है, एक छोटे से कस्बे में एक वृद्ध व्यापारी रहता था। वह मेहनती था, पर उसकी उम्र अब इतनी हो चुकी थी कि दुकान संभालना उसके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा था। उसके घर के आंगन में एक सुंदर सा तोता रहता था, जिसकी हरी चमकदार […]

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kishkindha-kanda-ki-pavan-katha-6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य भाग पाँच

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य रात अत्यंत भयावह थी। कभी हल्की, कभी तेज़ वर्षा रुक-रुक कर हो रही थी। तेज़ हवाएँ पेड़ों को झकझोर रही थीं। वातावरण में अजीब सी घुटन और अनजान आवाज़ें गूंज रही थीं। बिजली की चमक के साथ आसपास की परछाइयाँ विकराल चेहरों […]

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कुत्ता-और-अपनी-परछाई-–-Dog-and-His-Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई – Dog and His Shadow

कुत्ता और अपनी परछाई  एक हरी-भरी घाटी में एक छोटा सा गाँव बसा था, जिसके किनारे एक शांत नदी बहती थी और नदी पर एक मजबूत लकड़ी का पुल बना था। इस गाँव में एक कुत्ता रहता था, जिसका स्वभाव थोड़ा लालची था लेकिन दिल से वह बुरा नहीं था। उसे अपनी मेहनत से मिली […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: इंसानियत की असली पहचान भाग बीस

विक्रम और बेताल: इंसानियत की असली पहचान अंधेरी रात का वह समय था जब श्मशान की आग बुझ चुकी थी और हवा में बस धुएँ की हल्की सी गंध तैर रही थी। राजा विक्रम अपनी तलवार संभाले हुए उसी पेड़ की ओर बढ़ रहे थे जहाँ बेताल उल्टा लटका रहता था। हर कहानी के साथ […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 25 – जयलक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 पचीसवीं गुड़िया जयलक्ष्मी ने राजा भोज को रोकते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और उसकी सोच एक-दूसरे से भिन्न होती है। जब तक कोई व्यक्ति यह न समझे कि संसार में अलग-अलग प्रकृतियाँ और विचार वाले लोग रहते हैं, तब तक वह उस सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं […]

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शेर और चतुर खरगोश: The Clever Rabbit and the Lion

The Clever Rabbit and the Lion

शेर और चतुर खरगोश: The Clever Rabbit and the Lion जंगल के हरे-भरे मैदानों में कई जानवर रहते थे। वहां बड़े-बड़े पेड़, रंग-बिरंगे फूल और चहचहाते पक्षी जंगल को जीवंत बनाते थे। लेकिन इसी जंगल में एक शेर था, जो बहुत ही क्रूर और भूखा था। वह रोज किसी न किसी जानवर का शिकार करता […]

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धैर्यवान-ऊँट-और-जल्दबाज़-हिरन-–-The-Patient-Camel-and-the-Hasty-Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन – The Patient Camel and the Hasty Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन  रेगिस्तान की गर्म रेत और दूर तक फैले सुनसान मैदानों के बीच एक लंबा रास्ता था जो दो छोटे क़स्बों को जोड़ता था। इस रास्ते से सुबह के वक्त कई जानवर पानी की तलाश में निकलते थे, क्योंकि दोपहर होते ही सूरज की तपिश इतनी तेज़ हो जाती कि चलना […]

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Kirata-Arjuneeyam---किरातार्जुनीयम्

किरातार्जुनीयम् – Kirata Arjuneeyam

किरातार्जुनीयम् पांडव वीर अर्जुन अद्वितीय धनुर्धर थे, किन्तु उनमें भक्ति या श्रद्धा का नितांत अभाव माना जाता था। अपनी असीम शक्ति और कौशल के मद में वे ईश्वर की भक्ति को अनावश्यक समझते थे। इसी अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान शिव ने ‘किरातार्जुनीयम्’ की लीला रची—एक ऐसा युद्ध जहाँ अर्जुन का प्रतिद्वंद्वी स्वयं महादेव […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य भाग दस

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य रात के सन्नाटे में चाँद बादलों में छिपता-निकलता हुआ भयावह आभा फैला रहा था। श्मशान की ओर जाती पगडंडी पर धीमे-धीमे चलते राजा विक्रमादित्य के कदमों की आहट ही सिर्फ सुनाई दे रही थी। उनके कंधों पर लटका बेताल हवा में लहराता हुआ बीच-बीच में हल्का-सा हँस […]

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