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डरपोक-बादल-और-चमकीली-रात-The-Timid-Cloud-and-the-Shining-Night

डरपोक बादल और चमकीली रात – The Timid Cloud and the Shining Night

डरपोक बादल और चमकीली रात रात का आसमान शांत था, ठंडी हवा पेड़ों की पत्तियों को हल्के से हिला रही थी। आसमान में छोटे-छोटे तारे चमक रहे थे, लेकिन उस रात कुछ अलग होने वाला था। आसमान के एक कोने में बादल मीठू धीरे-धीरे तैर रहा था। मीठू बाकी बादलों की तरह खुशमिजाज नहीं था। […]

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आसमान छूने की चाहत

आसमान छूने की चाहत

हवा का तेज़ झोंका आया। पोस्टमैन मुश्किल से शर्मा जी के घर के दरवाज़े तक पहुँचा। जब दरवाज़ा खुला, तो श्रीमती शर्मा ने “नमस्ते भैया” कहा, लेकिन “धन्यवाद” कहने से पहले ही हवा ने पोस्टमैन के हाथ से चिट्ठियाँ छीन लीं और वे घर के अंदर उड़ गईं। दरवाज़ा ज़ोर से भड़ाम हो गया। श्रीमती […]

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रंगनाथ का दक्षिण मुख - Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख – Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख विभीषण रावण के छोटे भाई थे। रावण लंका का राजा था जिसे युद्ध में भगवान राम ने पराजित किया था। रावण के बाद, भगवान राम ने विभीषण को लंका का राजा नियुक्त किया। हालाँकि, विभीषण सदैव भगवान के सान्निध्य में रहना चाहते थे। इसलिए वे भगवान और सीता देवी के साथ […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 31 – कौशल्या की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 31 इकतीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने आए, तो इकतीसवीं गुड़िया उनके सामने प्रकट हुई और राजा विक्रमादित्य से जुड़ी एक कथा सुनाने लगी। उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह कौशल्या है, इस दिव्य सिंहासन की इकतीसवीं गुड़िया। उसने राजा भोज से कहा कि जब स्वयं विक्रमादित्य […]

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अरण्यकाण्ड की पावन कथा – 5

अरण्यकाण्ड की पावन कथा और दण्डक वन में श्रीराम का आगमन भरत वन में आए, राम से मिले, उनसे बातें कीं, उन्हें अयोध्या लौट चलने का अनुरोध किया, अपने प्रयास में सफल न हो सके तथा राम की पादुकाएँ लेकर अयोध्या लौट गए। तीनों माताएँ वहाँ आईं, वन में राम के जीवन को देखा, आँसू […]

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बंदर-और-मगरमच्छ-की-चालाकी-–-The-Monkey-and-the-Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी – The Monkey and the Crocodile

बंदर और मगरमच्छ की चालाकी  गहरे और शांत बहते नदी के किनारे एक पुराना जामुन का पेड़ था। उसकी डालियाँ दूर तक फैली थीं और हर मौसम में उस पर रसीले, गहरे रंग के जामुन खूब लगते थे। पेड़ के ऊपर रहता था एक चुस्त बंदर। उसे पेड़, नदी और आसपास का पूरा इलाका अच्छी […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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दो-दोस्तों-और-सच-बोलने-की-ताकत---Two-Friends-and-the-Power-of-Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत – Two Friends and the Power of Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत एक शांत और खूबसूरत गाँव था जिसका नाम था कमलपुर। इस गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था और सभी मिलजुल कर रहते थे। इसी गाँव में दो सबसे अच्छे दोस्त रहते थे। पहला था आरव, जो सीधा-सादा, ईमानदार और हमेशा सच बोलने वाला बच्चा था। दूसरा […]

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धैर्यवान-ऊँट-और-जल्दबाज़-हिरन-–-The-Patient-Camel-and-the-Hasty-Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन – The Patient Camel and the Hasty Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन  रेगिस्तान की गर्म रेत और दूर तक फैले सुनसान मैदानों के बीच एक लंबा रास्ता था जो दो छोटे क़स्बों को जोड़ता था। इस रास्ते से सुबह के वक्त कई जानवर पानी की तलाश में निकलते थे, क्योंकि दोपहर होते ही सूरज की तपिश इतनी तेज़ हो जाती कि चलना […]

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