हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

singhasan-battisi-story-32-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 32 – रूपवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 32 बत्तीसवें दिन राजा भोज अपने निर्णय के साथ बत्तीसवीं गुड़िया के सामने पहुँचे। गुड़िया ने उन्हें देखकर कहा कि आज वे सिंहासन पर बैठने के लिए उत्सुक नहीं दिख रहे हैं। उसने अपना परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मैं रूपवती हूँ, इन सभी गुड़ियाओं की अधिष्ठात्री। आज आपके मन में […]

Continue Reading
श्रेष्ठ-कौन---The-Greater-God

श्रेष्ठ कौन?- The Greater God

श्रेष्ठ कौन? एक समय की बात है, ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच इस बात पर विवाद छिड़ गया कि उन दोनों में श्रेष्ठ कौन है। इस बहस ने इतना तीव्र रूप धारण किया कि वहाँ अचानक एक विशाल और अंतहीन शिवलिंग प्रकट हो गया। दोनों ने निश्चय किया कि जो भी इस शिवलिंग का […]

Continue Reading

तेनाली रमन की चतुराई के किस्से – 26 से 30

इनाम की साझेदारी – 26 कुचिपुड़ी मंडली विजयनगर से लौट आई। रमन ने ही मंडली को समेटा था। राजा ने रमन को बुलाकर पूछताछ की। रमन अडिग रहा। ‘मैंने झूठ बोलने वालों को पीटा है।’ ‘वह कृष्ण की कहानियाँ सुना रहा था, है ना?’ राजा ने पूछा। ‘यदि ऐसा है तो मैंने पाप किया है। […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-16-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 16 – सत्यवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 16  सोलहवें दिन फिर से राजा भोज सिंहासन पर बैठने चले, तभी सिंहासन की सोलहवीं गुड़िया प्रकट हुई और उसने उन्हें रोका। गुड़िया ने कहा कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाएगी, जो उनकी अनुपम उदारता को दर्शाती है। यदि राजा भोज उस उदारता की बराबरी कर सकें, तभी वे […]

Continue Reading
लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

Continue Reading
गुलाबों-का-महल---The-Palace-of-Roses

गुलाबों का महल – The Palace of Roses

गुलाबों का महल एक शांत और सुंदर राज्य के किनारे एक घना जंगल था, जिसे लोग बहुत कम जानते थे। उसी जंगल के बीचोंबीच एक पुराना महल छिपा हुआ था, जिसे दूर से देखने पर लगता था जैसे वह धुंध और रहस्य में लिपटा बैठा हो। कहते थे कि वहाँ कोई रहता नहीं, फिर भी […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-7-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 7 – कौमुदी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 7 सातवें दिन, जब राजा भोज ने फिर से सिंहासन की ओर बढ़ने का प्रयास किया, सातवीं गुड़िया सिंहासन से उठकर उनके सामने खड़ी हो गई। उसने विनम्र लेकिन गंभीर स्वर में कहा, “राजन, मेरा नाम कौमुदी है। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास मत कीजिए जब तक आप इसके योग्य नहीं […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-8-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 – पुष्पवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 सिंहासन बत्तीसी की आठवीं गुड़िया पुष्पवती की कहानी एक अद्भुत प्रसंग है जिसमें पराक्रम, करुणा, धर्म और त्याग का संदेश छिपा हुआ है। आठवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के निकट पहुँचे तो आठवीं गुड़िया पुष्पवती प्रकट हुई। उसने राजा भोज से कहा कि उसका नाम पुष्पवती है और वह उन्हें […]

Continue Reading
the-proud-rose-and-the-cactus-hindi-story

घमंडी गुलाब और नागफनी की दोस्ती

एक बगीचे में एक सुंदर गुलाब का पौधा था। उस पर खिला एक गुलाब अपने रूप और रंग पर बहुत अधिक गर्व करता था। पर उसे हमेशा यह दुख रहता था कि वह एक बदसूरत नागफनी के ठीक बगल में उगा है। हर रोज गुलाब नागफनी के काँटों और उसकी सूरत पर ताने मारता रहता। […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-12-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 12 – पद्मावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 12 मौका बारहवें दिन का था। जब राजा भोज सिंहासन की ओर बढ़ रहे थे, तब बारहवीं गुड़िया प्रकट हुई। “हे राजा भोज, मेरा नाम पद्मावती है। क्या यह सत्य है कि आप राजा विक्रमादित्य जैसे सहिष्णु, वीर, उदार और परोपकारी हैं? पहले आप उनकी एक कथा सुनिए, फिर तय कीजिए कि […]

Continue Reading