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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंतिम रहस्य का खुलासा भाग पच्चीस

विक्रम और बेताल: अंतिम रहस्य का खुलासा विक्रम और बेताल की अंतिम यात्रा अपने पच्चीसवें प्रयास पर पहुँच चुकी थी। इस बार जंगल की हवा भारी थी, जैसे कोई अनदेखा रहस्य चारों ओर पसरा हो। विक्रम शव को कंधे पर लिए आगे बढ़ रहे थे, और बेताल असामान्य रूप से शांत था। कुछ दूरी चलने […]

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अहंकारी-पंडितों-की-शिक्षा---Humbling-Vedic-Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा – Humbling Vedic Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा एक समय की बात है, दो अहंकारी ब्राह्मण थे। वे स्वयं को वेदों का सर्वश्रेष्ठ ज्ञाता मानते थे और लोगों को शास्त्रार्थ के लिए ललकारा करते थे। उनकी एक विचित्र शर्त थी: जो भी हारे, उसे यह लिखित रूप में प्रमाणपत्र देना होगा कि वह वेदों के ज्ञान में इन दोनों […]

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शिव ने बालक का दूध पिया - Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया – Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया तमिलनाडु के सिरकाली में गुरु ज्ञान संबंदर की कहानी अद्भुत है। उनके पिता प्रतिदिन शिव मंदिर जाते और भगवान को नैवेद्य के रूप में दूध अर्पित करते। भगवान को अर्पित करने के बाद पिता उस दूध को वापस घर लाते और छोटे बालक ज्ञान संबंदर को पिलाते। एक दिन, […]

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अनुशासन की कीमत पर नेतृत्व - The Class Leader

अनुशासन की कीमत पर नेतृत्व – The Class Leader

अनुशासन की कीमत पर नेतृत्व एक विद्यालय में पाँचवीं कक्षा का एक छात्र था जो पढ़ाई में बहुत अच्छा था। अपनी प्रतिभा के कारण, कक्षा अध्यापक ने उसे ‘मॉनीटर’ या ‘कक्षा नेता’ नियुक्त किया। विद्यालय में प्रतिदिन आठ पीरियड होते थे, प्रत्येक चालीस मिनट का। इस कक्षा नेता का कार्य था कि वह दो पीरियडों […]

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भेड़िया-और-सच्चा-कुत्ता-–-The-Wolf-and-the-Loyal-Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता – The Wolf and the Loyal Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता एक बड़ा सा गाँव था, जहाँ चारों तरफ हरियाली फैलती थी और दूर तक गेहूँ के खेत चमकते थे। गाँव के लोग मेहनती थे और रात को खेतों की रखवाली करना सबसे कठिन कामों में गिना जाता था। कई बार जंगली जानवर खेत में घुसने की कोशिश करते, इसलिए गाँव वाले […]

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sundara-kanda-ki-pavan-katha-7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा – 7

सुन्दरकाण्ड की पावन कथा और हनुमान का महासंकल्प व समुद्र-लांगन लीला उस पर्वत से छलांग लगाने का निश्चय किया। वह एक जंगली बैल के समान दिखते हुए अपने शरीर को अत्यधिक विशाल करने लगे। वह एक बड़े पर्वत के समान प्रतीत होने लगे। उनके चरणों तले विशाल पर्वत कांपने लगा। सर्प और वन्य प्राणी अपने […]

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दो-बिल्लियाँ-और-चालाक-बंदर

दो बिल्लियाँ और चालाक बंदर

  एक समय की बात है, दो बिल्लियाँ गहरी मित्र थीं। एक दिन संयोग से उन्हें रास्ते में एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। दोनों में उसे बाँटने की बात हुई। परंतु जब उन्होंने रोटी के दो टुकड़े किए, तो एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा निकला। दोनों अपने-अपने हिस्से के लिए बड़ा टुकड़ा चाहती थीं। […]

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valmiki-ramayana-celestial-origin-story

 वाल्मीकि रामायण के अनंत आयाम – 1

वाल्मीकि रामायण भारतीय साहित्य का प्रथम महान महाकाव्य है। यह वह दिव्य कृति है जिसने मानव समाज को आदर्श जीवन का मार्ग दिखाया और मर्यादा पुरुषोत्तम राम तथा पवित्र नारीत्व की प्रतीक सीता के चरित्र को अमर बनाया। इस महाकाव्य में वर्णित राम और सीता का पवित्र संबंध सूर्य और चन्द्रमा के समान अविभाज्य माना […]

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दो-दोस्तों-और-सच-बोलने-की-ताकत---Two-Friends-and-the-Power-of-Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत – Two Friends and the Power of Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत एक शांत और खूबसूरत गाँव था जिसका नाम था कमलपुर। इस गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था और सभी मिलजुल कर रहते थे। इसी गाँव में दो सबसे अच्छे दोस्त रहते थे। पहला था आरव, जो सीधा-सादा, ईमानदार और हमेशा सच बोलने वाला बच्चा था। दूसरा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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