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तोता-और-वृद्ध-व्यापारी---Parrot-and-the-Old-Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी – Parrot and the Old Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी एक समय की बात है, एक छोटे से कस्बे में एक वृद्ध व्यापारी रहता था। वह मेहनती था, पर उसकी उम्र अब इतनी हो चुकी थी कि दुकान संभालना उसके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा था। उसके घर के आंगन में एक सुंदर सा तोता रहता था, जिसकी हरी चमकदार […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन विशिष्ट ब्राह्मण पुत्रों की अद्भुत कथा भाग दो

विक्रम और बेताल: तीन विशिष्ट ब्राह्मण पुत्रों की अद्भुत कथा बहुत समय पहले एक समृद्ध और प्रतिष्ठित ब्राह्मण रहता था जिसका नाम विष्णुस्वामिन था। वह विद्वान, धार्मिक और बड़े-बड़े यज्ञों का कर्ता था। उसके घर में हर समय सीखने और पूजा का वातावरण रहता था। एक दिन उसने निर्णय लिया कि वह एक विशाल और […]

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मछुआरा-और-दैत्य-–-The-Fisherman-and-the-Giant-Tale

मछुआरा और दैत्य – The Fisherman and the Giant Tale

मछुआरा और दैत्य समुद्र किनारे बसे एक छोटे से गाँव में एक गरीब मछुआरा रहता था जिसका नाम फ़रीद था। उसकी ज़िंदगी हर दिन एक ही संघर्ष से भरी होती थी। सुबह से शाम तक वह समुद्र में जाल डालता, लेकिन बदले में सिर्फ कुछ साधारण मछलियाँ मिलतीं, जिनसे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से चलता […]

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Saktuprasta-and-Squirrel-Heaven-Story---सक्तुप्रस्त-और-स्वर्ण-धूसर-गिलहरी-की-कथा

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी – Saktuprasta and Squirrel of Heaven

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी एक समय की बात है, एक गिलहरी थी जिसके शरीर का दाहिना भाग स्वर्णिम था और बायाँ भाग धूसर वर्ण का था। जहाँ कहीं भी कोई यज्ञ होता, वह गिलहरी वहाँ जाकर भूमि और जल में लोटने लगती। एक दिन पाण्डवों में ज्येष्ठ, युधिष्ठिर अर्थात धर्मराज, एक महान यज्ञ का अनुष्ठान […]

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the-curse-on-dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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चींटी और कबूतर की मित्रता

गर्मी के एक तपते दिन, एक चींटी पानी की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। काफी देर भटकने के बाद उसे एक नदी दिखाई दी। पानी देखकर वह बहुत खुश हुई। वह पानी पीने के लिए एक छोटे पत्थर पर चढ़ी, पर फिसल कर नदी में गिर गई। वह डूबने लगी। उसी समय पास के […]

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singhasan-battisi-story-27-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 – मलयावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 27 मलयावती, जो राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की सत्ताइसवीं गुड़िया थी, राजा भोज के सामने प्रकट होकर स्वयं का परिचय देते हुए बोली, “मेरा नाम मलयावती है। मैं उन बत्तीस अद्भुत गुड़ियों में से एक हूँ जिनमें विक्रमादित्य की अद्भुत स्मृतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग सुरक्षित हैं। हमारे स्वामी अतुलनीय विद्वान, दयालु, धर्मनिष्ठ […]

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दो-दोस्तों-और-सच-बोलने-की-ताकत---Two-Friends-and-the-Power-of-Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत – Two Friends and the Power of Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत एक शांत और खूबसूरत गाँव था जिसका नाम था कमलपुर। इस गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था और सभी मिलजुल कर रहते थे। इसी गाँव में दो सबसे अच्छे दोस्त रहते थे। पहला था आरव, जो सीधा-सादा, ईमानदार और हमेशा सच बोलने वाला बच्चा था। दूसरा […]

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शिव ने बालक का दूध पिया - Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया – Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया तमिलनाडु के सिरकाली में गुरु ज्ञान संबंदर की कहानी अद्भुत है। उनके पिता प्रतिदिन शिव मंदिर जाते और भगवान को नैवेद्य के रूप में दूध अर्पित करते। भगवान को अर्पित करने के बाद पिता उस दूध को वापस घर लाते और छोटे बालक ज्ञान संबंदर को पिलाते। एक दिन, […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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