हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

चालाक-नेवला-और-धूर्त-बिल्ली-(Clever-Mongoose-and-the-Cunning-Cat)

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली – Clever Mongoose and the Cunning Cat

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली  गाँव के किनारे बने एक छोटे से घर में एक दादी रहती थी, जो हर सुबह आँगन में ताज़ी रोटियाँ सेंकती थी. घर के आसपास पेड़ों की छाया थी, और दादी की रोटियों की खुशबू दूर तक फैल जाती थी. उसी घर के पास एक चालाक नेवला रहता था, जिसे […]

Continue Reading
सोने-वाली-घंटी-का-रहस्य-—-The-Secret-of-the-Sleep-Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य — The Secret of the Sleep Bell

सोने वाली घंटी का रहस्य  धानपुर गाँव में शाम का समय था। सूरज ढलने को था और हवा में मिट्टी की महक तैर रही थी। चरवाहा श्याम अपने झुंड को लेकर खेतों से लौट रहा था। उसके साथ थी उसकी प्यारी गाय धानी, जिसकी गर्दन में बंधी छोटी सी सोने वाली घंटी पूरे गाँव की […]

Continue Reading
दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

Continue Reading
खरगोश-और-कड़वी-औषधि-–-The-Rabbit-and-the-Bitter-Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि – The Rabbit and the Bitter Medicine

खरगोश और कड़वी औषधि  हरीभरी पहाड़ियों के पास बसे एक शांत जंगल में एक छोटा सा खरगोश रहता था, जिसका नाम मीनू था। मीनू बहुत तेज दौड़ता था, पेड़ों के बीच कूदता-फाँदता फिरता था और पूरे जंगल का सबसे चंचल जीव माना जाता था। सुबह होते ही वह अपने बिल से निकलकर इधर-उधर दौड़ लगाता, […]

Continue Reading
आसमान छूने की चाहत

आसमान छूने की चाहत

हवा का तेज़ झोंका आया। पोस्टमैन मुश्किल से शर्मा जी के घर के दरवाज़े तक पहुँचा। जब दरवाज़ा खुला, तो श्रीमती शर्मा ने “नमस्ते भैया” कहा, लेकिन “धन्यवाद” कहने से पहले ही हवा ने पोस्टमैन के हाथ से चिट्ठियाँ छीन लीं और वे घर के अंदर उड़ गईं। दरवाज़ा ज़ोर से भड़ाम हो गया। श्रीमती […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

Continue Reading
The-Ant,-Bird-&-Hunter---चींटी,-पक्षी-और-शिकारी-की-कथा

चींटी, पक्षी और शिकारी की कथा – The Ant, Bird & Hunter

चींटी, पक्षी और शिकारी की कथा एक बार की बात है, एक छोटी-सी चींटी भोजन की खोज में नदी के किनारे घूम रही थी। दिन का समय था और नदी का प्रवाह बहुत तेज था। चींटी जैसे ही एक पत्थर पर चढ़कर आगे बढ़ी, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर पड़ी। […]

Continue Reading
सुनहरी-हवा-का-रहस्य---The-Secret-of-the-Golden-Breeze

सुनहरी हवा का रहस्य – The Secret of the Golden Breeze

सुनहरी हवा का रहस्य रात का समय था, गाँव की गलियों में हल्की ठंडक थी और पेड़ों के बीच से गुजरती सुनहरी हवा चमकती लकीरों की तरह आसमान में फैल रही थी। गाँव की बच्ची ध्वनि अक्सर इस हवा को महसूस करती थी। जब बाकी सब बच्चे सो जाते, तब वह अपनी खिड़की पर बैठकर […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड भाग नौ

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड रात बहुत अंधेरी थी और तेज़ बारिश लगातार हो रही थी। घने बादलों की गड़गड़ाहट, सियारों की करुण चीखें और हवा की तीखी सनसनाहट वातावरण को और भी भयावह बना रही थीं। लेकिन राजा विक्रमादित्य इन सबके बीच निर्भय होकर प्राचीन वृक्ष पर चढ़े, शव को उतारा और कंधे […]

Continue Reading
रात-का-संगीत-Night’s-Melody

रात का संगीत – Night’s Melody

रात का संगीत एक शांत पहाड़ी बस्ती थी जहाँ दिन ढलते ही अजीब सा सन्नाटा फैल जाता था। लोग जल्दी-जल्दी अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि रात के साथ एक अनजाना डर भी घूमता है। हवा चलती तो खिड़कियाँ हिलने लगतीं, पत्तों की सरसराहट किसी फुसफुसाहट जैसी लगती […]

Continue Reading