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नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान  बहुत समय पहले, जब धरती पर जादू, तपस्या और दिव्य शक्तियों का अस्तित्व सामान्य था, एक शांत और हरे-भरे जंगल के बीचों-बीच कैलाशपुर नामक एक छोटा-सा गाँव बसा था। इस गाँव के लोग मेहनती, सरल और प्रकृति-प्रेमी थे। उनके जीवन में सुख था, लेकिन उनके आसपास बसे जंगल में कई रहस्य भी […]

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मोर और कौवों की सभा – Peacock and the Crows’ Meeting

मोर और कौवों की सभा एक बड़े और शांत से जंगल के बीचोंबीच एक पुराना सा बरगद का पेड़ था, जिसकी फैली हुई शाखाओं पर हर तरह के पक्षी बैठते थे। उसी पेड़ के नीचे रोज सुबह एक छोटी सी सभा लगती थी। इस सभा में जंगल के कई पक्षी आते थे, पर सबसे ज्यादा […]

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तीन मछलियों की कहानी - Story of Three Fish

तीन मछलियों की कहानी – Three Fish

तीन मछलियों की कहानी एक समय की बात है, एक नदी थी। उस नदी में तीन मछलियाँ रहती थीं। पहली मछली का नाम था “भविष्यदृष्टा”। भविष्यदृष्टा हमेशा भविष्य के लिए योजनाएँ बनाती रहती थी। वह हमेशा सोचती रहती थी कि आने वाले तीन महीनों, छह महीनों, बारह महीनों, चौबीस महीनों, पाँच सालों में नदी का […]

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मृत्यु-को-जीतने-वाला-बालक---The-Boy-Who-Defeated-Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक – The Boy Who Defeated Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक साधु मृकण्डु और उनकी पत्नी मरुद्मती का आश्रम शांति से भरा था, पर उनके हृदय में एक टीस थी। आध्यात्मिक ज्ञान और सादगी के सभी सुख होने के बावजूद, एक संतान का सुख उनसे दूर था। वर्षों तक उन्होंने अविचल भक्ति से भगवान शिव की आराधना की और एक पुत्र […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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बोलता-हुआ-पेड़-The-Talking-Tree

बोलता हुआ पेड़ – The Talking Tree

बोलता हुआ पेड़ हरी पहाड़ियों और साफ नीले आसमान के बीच बसा एक शांत गाँव था, जहाँ लोग मेहनती थे और बच्चों की हँसी हर तरफ गूँजती थी। इस गाँव के बीच एक छोटा जंगल था, जिसे लोग कम ही पार करते थे। जंगल में एक बहुत पुराना पेड़ था, जिसका तना चौड़ा और पत्ते […]

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लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल - Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल – Persistence and Attention to Detail

लगन और सूक्ष्म अवलोकन का फल कर्नाटक के एक प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में केशव नाम का एक छात्र यांत्रिक इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। केशव एक मेधावी छात्र था। वह आठ सेमेस्टर के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ रहा था। पिछले पांचों सेमेस्टर में केशव ने डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्णता प्राप्त की थी। […]

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गौरैया-और-बड़े-बड़े-दाने---Sparrow-and-the-Big-Grains

गौरैया और बड़े-बड़े दाने – Sparrow and the Big Grains

गौरैया और बड़े-बड़े दाने गाँव के एक शांत कोने में एक पुराना सा खेत था जहाँ सुबह की हल्की धूप मिट्टी पर चमकती थी और चारों ओर हल्की हवा बहती रहती थी। उसी खेत के किनारे एक पेड़ था जिसमें एक छोटी गौरैया रहती थी। वह नन्ही थी, चंचल थी और हर दिन सूरज निकलते […]

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छोटा-किसान-और-उसका-पहला-पौधा-The-Little-Farmer-and-His-First-Plant

छोटा किसान और उसका पहला पौधा – The Little Farmer and His First Plant

छोटा किसान और उसका पहला पौधा नीले आसमान के नीचे फैला हुआ एक छोटा-सा गाँव था जहाँ मिट्टी की खुशबू हर रास्ते में रची हुई थी और हर घर के पास कुछ न कुछ उगता था। इसी गाँव में रहता था एक सात साल का बच्चा आरव, जिसे लोग प्यार से छोटा किसान कहते थे […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 8 – पुष्पवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 सिंहासन बत्तीसी की आठवीं गुड़िया पुष्पवती की कहानी एक अद्भुत प्रसंग है जिसमें पराक्रम, करुणा, धर्म और त्याग का संदेश छिपा हुआ है। आठवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के निकट पहुँचे तो आठवीं गुड़िया पुष्पवती प्रकट हुई। उसने राजा भोज से कहा कि उसका नाम पुष्पवती है और वह उन्हें […]

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