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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अदल-बदल हुए सिरों की कथा भाग चार

एक समय की बात है, किसी नगर में धवल नाम का एक धोबी रहता था। वह प्रतिदिन की भाँति कपड़े साफ करने के लिए तालाब की ओर गया। उसी समय उसकी दृष्टि एक अत्यंत सुंदरी युवती पर पड़ी, जो उसी तालाब पर स्नान करने आई थी। वह युवती एक अन्य धोबी की पुत्री थी। उसकी […]

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गुलाबों-का-महल---The-Palace-of-Roses

गुलाबों का महल – The Palace of Roses

गुलाबों का महल एक शांत और सुंदर राज्य के किनारे एक घना जंगल था, जिसे लोग बहुत कम जानते थे। उसी जंगल के बीचोंबीच एक पुराना महल छिपा हुआ था, जिसे दूर से देखने पर लगता था जैसे वह धुंध और रहस्य में लिपटा बैठा हो। कहते थे कि वहाँ कोई रहता नहीं, फिर भी […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड भाग नौ

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड रात बहुत अंधेरी थी और तेज़ बारिश लगातार हो रही थी। घने बादलों की गड़गड़ाहट, सियारों की करुण चीखें और हवा की तीखी सनसनाहट वातावरण को और भी भयावह बना रही थीं। लेकिन राजा विक्रमादित्य इन सबके बीच निर्भय होकर प्राचीन वृक्ष पर चढ़े, शव को उतारा और कंधे […]

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गुरुभक्त एकलव्य का त्याग - Ekalavya's Sacrifice

गुरुभक्त एकलव्य का त्याग – Ekalavya’s Sacrifice

गुरुभक्त एकलव्य का त्याग महाभारत के समय जब पांडव और कौरव द्रोणाचार्य से विद्या प्राप्त कर रहे थे, तब एक विलक्षण छात्र एकलव्य नामक निषाद कुमार भी धनुर्विद्या सीखने की अभिलाषा रखता था। द्रोणाचार्य हस्तिनापुर से दूर अपने आश्रम में राजकुमारों को शिक्षा देते थे। एकलव्य वहाँ चुपचाप छिपकर पूरी प्रक्रिया देखा करता था। उसने […]

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एकता में ही बल है - Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है – Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है एक समय की बात है, एक बूढ़े पिता थे और उनके चार पुत्र थे। चारों पुत्र अब युवावस्था में आ चुके थे। हर कोई बीस के दशक में था और दुनिया को जीतने के लिए तैयार था। वे सभी शिक्षित थे, पर समस्या यह थी कि वे आपस में एक […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 19 – रूपरेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 19 उन्नीसवें दिन राजा भोज जब सिंहासन पर बैठने जा रहे थे, तभी उन्नीसवीं गुड़िया रूपरेखा ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि वह एक कहानी सुनाएगी, जो यह बताएगी कि न्याय करने में मन और ज्ञान दोनों का संतुलन कितना महत्वपूर्ण होता है। उसने राजा से कहा कि पहले पूरी कहानी […]

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चुप्पी-की-रानी-_-The-Queen-of-Silence

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी | The Queen of Silence and the Noisy Giant’s Unusual Tale

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी बहुत पहले की बात है, एक ऐसा पहाड़ी राज्य था जहाँ रात होते ही एक अद्भुत जादू होता था। यह जादू था शांति का! जैसे ही सूरज डूबता, पूरा राज्य मुलायम चाँदनी की चादर में सो जाता। इस राज्य की रानी का नाम था […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 16 – सत्यवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 16  सोलहवें दिन फिर से राजा भोज सिंहासन पर बैठने चले, तभी सिंहासन की सोलहवीं गुड़िया प्रकट हुई और उसने उन्हें रोका। गुड़िया ने कहा कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाएगी, जो उनकी अनुपम उदारता को दर्शाती है। यदि राजा भोज उस उदारता की बराबरी कर सकें, तभी वे […]

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युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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