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जंगल-का-सच्चा-रखवाला---The-True-Guardian-of-the-Forest

जंगल का सच्चा रखवाला – The True Guardian of the Forest

जंगल का सच्चा रखवाला जंगलपुर नाम की एक हरी–भरी भूमि थी जहाँ तरह–तरह के जानवर रहते थे। वहाँ एक बड़ा सा तालाब था, ऊँचे पेड़ों से भरी घाटियाँ थीं और चारों तरफ सुख, शांति और हँसी दिखाई देती थी। इस जंगल की एक खास बात थी कि यहाँ के सभी जानवर आपस में गहरी मित्रता, […]

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रंगनाथ का दक्षिण मुख - Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख – Sharanagati

रंगनाथ का दक्षिण मुख विभीषण रावण के छोटे भाई थे। रावण लंका का राजा था जिसे युद्ध में भगवान राम ने पराजित किया था। रावण के बाद, भगवान राम ने विभीषण को लंका का राजा नियुक्त किया। हालाँकि, विभीषण सदैव भगवान के सान्निध्य में रहना चाहते थे। इसलिए वे भगवान और सीता देवी के साथ […]

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Definition-of-Luck---भाग्य-की-परिभाषा

भाग्य की परिभाषा – Definition of Luck

भाग्य की परिभाषा  एक समय की बात है, एक साधारण से गाँव में तीस वर्षीय रमेश रहता था। पूरा परिवार और पड़ोस उसके आलस्य और निष्क्रिय जीवन के लिए उसे कोसता रहता था। बचपन से ही न तो उसने पढ़ाई-लिखाई में रुचि दिखाई, न ही स्कूल नियमित जाने की कोशिश की। युवावस्था आई, पर स्थिति […]

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tenalirama-great-wisdom-and-wit-story-1

तेनालीराम : अद्भुत बुद्धि और विनोद का प्रतीक – 1 से 5

 तेनाली रामन का असाधारण जीवन और राजदरबार में प्रवेश – 1 तेनालीराम की कथा दक्षिण भारत के प्रख्यात विजयनगर साम्राज्य के उस स्वर्णकाल से जुड़ी है, जब यह राज्य अपनी समृद्धि, शक्ति, वैभव और सांस्कृतिक उन्नति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। उस युग में राजा कृष्णदेवराय न केवल वीर और दूरदर्शी शासक थे, बल्कि […]

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Bharavi,-the-Humbled-Poet---भरवि,-दंभहीन-कवि

भरवि, दंभहीन कवि – Bharavi, the Humbled Poet

भरवि, दंभहीन कवि एक बार की बात है, एक महान कवि भरवि रहते थे। वे अत्यंत विद्वान, वेद-पुराणों के ज्ञाता और काव्य में निपुण थे। उनकी प्रशंसा राजा करते, सहचर विद्वान करते, माता करतीं और पत्नी भी करती थीं। किंतु, उनके स्वयं के पिता ने उन्हें कभी एक बार भी प्रशंसा के दो शब्द नहीं […]

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अकबर और बीरबल

अकबर-बीरबल की अनोखी कहानियाँ: चतुराई और हास्य का अनूठा संगम

परिचय मुग़ल सम्राट अकबर, जो तीसरे मुग़ल बादशाह थे, के दरबार में कई प्रतिभाशाली और चतुर लोग थे। उनमें से एक थे राजा बीरबल, जो अपनी तेज बुद्धि के कारण सम्राट के विशेष प्रिय थे। राजा बीरबल कविताएँ लिखते थे, और अकबर ने उन्हें “कवि राज” की उपाधि दी थी। अकबर को बीरबल को अपने […]

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चांद-के-बच्चों-का-खोया-हुआ-खिलौना---The-Lost-Toy-of-the-Moon-Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना – The Lost Toy of the Moon Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना रात का आसमान बिल्कुल शांत था, और पूरा गाँव हल्की नींद में डूबा था। घरों की छतों पर चांदनी ऐसे फैली थी जैसे किसी ने सफेद रेशम बिछा दिया हो। इसी शांत रात में गाँव की छोटी बच्ची अन्वी अपनी खिड़की से आसमान देख रही थी। उसे चांद […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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Kirata-Arjuneeyam---किरातार्जुनीयम्

किरातार्जुनीयम् – Kirata Arjuneeyam

किरातार्जुनीयम् पांडव वीर अर्जुन अद्वितीय धनुर्धर थे, किन्तु उनमें भक्ति या श्रद्धा का नितांत अभाव माना जाता था। अपनी असीम शक्ति और कौशल के मद में वे ईश्वर की भक्ति को अनावश्यक समझते थे। इसी अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान शिव ने ‘किरातार्जुनीयम्’ की लीला रची—एक ऐसा युद्ध जहाँ अर्जुन का प्रतिद्वंद्वी स्वयं महादेव […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत भाग सत्रह

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था, और पेड़ों की सूखी शाखाएँ हवा में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर गूंजती फुसफुसाहटें और हवा में उड़ते पत्तों की सरसराहट वातावरण को और भी भयानक बना रही थी। […]

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