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सिंहासन बत्तीसी कथा 15 – सुंदरवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 राजा भोज जब पंद्रहवें दिन पुनः सिंहासन के समीप पहुँचे, तभी पंद्रहवीं गुड़िया सुंदरवती प्रकट हुई और बोली कि हे राजन, मैं सुंदरवती हूँ। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने से पहले आपको राजा विक्रमादित्य की उदारता की यह कथा सुननी होगी, और फिर स्वयं विचार करना कि आप इस […]

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चांद-के-बच्चों-का-खोया-हुआ-खिलौना---The-Lost-Toy-of-the-Moon-Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना – The Lost Toy of the Moon Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना रात का आसमान बिल्कुल शांत था, और पूरा गाँव हल्की नींद में डूबा था। घरों की छतों पर चांदनी ऐसे फैली थी जैसे किसी ने सफेद रेशम बिछा दिया हो। इसी शांत रात में गाँव की छोटी बच्ची अन्वी अपनी खिड़की से आसमान देख रही थी। उसे चांद […]

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परी और सोने का स्पर्श

एक छोटे से शहर में एक बहुत लालची आदमी रहता था। वह पहले से ही बहुत धनी था, लेकिन उसे सोने और कीमती चीज़ों का कभी संतोष नहीं होता था। उसे हमेशा और अधिक धन की चाह रहती थी। हालाँकि, इन सबके बीच वह अपनी छोटी बेटी से बहुत प्रेम करता था। उसकी बेटी ही […]

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अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान  बहुत समय पहले की बात है। उत्तरी पर्वतों से घिरे एक शांत और समृद्ध राज्य का नाम था अग्निकाश। यह राज्य कृषि, संस्कृति और देवपूजा के लिए प्रसिद्ध था। लोग प्रकृति की पूजा करते और विशेष रूप से अग्निदेव का आभार मानते, क्योंकि उनका विश्वास था कि अग्निदेव ही राज्य में उष्मा, […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 12 – पद्मावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 12 मौका बारहवें दिन का था। जब राजा भोज सिंहासन की ओर बढ़ रहे थे, तब बारहवीं गुड़िया प्रकट हुई। “हे राजा भोज, मेरा नाम पद्मावती है। क्या यह सत्य है कि आप राजा विक्रमादित्य जैसे सहिष्णु, वीर, उदार और परोपकारी हैं? पहले आप उनकी एक कथा सुनिए, फिर तय कीजिए कि […]

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जादुई-मोरपंख-–-The-Magical-Peacock-Feather

जादुई मोरपंख – The Magical Peacock Feather

जादुई मोरपंख एक छोटे से कस्बे में ईशान नाम का एक खुशमिजाज बच्चा रहता था जो हमेशा कुछ नया सीखने और समझने की कोशिश करता था। उसे प्रकृति से बहुत लगाव था और वह अक्सर पास के जंगल में घूमने जाता था, जहाँ उसे पक्षियों की आवाजें, ताज़ी हवा की महक और सूरज की हल्की […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 29 – मानवती की कथा

इस कथा के अनुसार, उनत्तीसवें दिन जब राजा भोज शक्तिशाली और गौरवशाली सिंहासन पर बैठने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनत्तीसवीं गुड़िया मानवती ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे तभी इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य होंगे, जब उनमें राजा विक्रमादित्य जैसे महान गुणों का समावेश हो। उन्होंने अपने परिचय के बाद राजा […]

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अनुशासन की कीमत पर नेतृत्व - The Class Leader

अनुशासन की कीमत पर नेतृत्व – The Class Leader

अनुशासन की कीमत पर नेतृत्व एक विद्यालय में पाँचवीं कक्षा का एक छात्र था जो पढ़ाई में बहुत अच्छा था। अपनी प्रतिभा के कारण, कक्षा अध्यापक ने उसे ‘मॉनीटर’ या ‘कक्षा नेता’ नियुक्त किया। विद्यालय में प्रतिदिन आठ पीरियड होते थे, प्रत्येक चालीस मिनट का। इस कक्षा नेता का कार्य था कि वह दो पीरियडों […]

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चालाक-नेवला-और-धूर्त-बिल्ली-(Clever-Mongoose-and-the-Cunning-Cat)

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली – Clever Mongoose and the Cunning Cat

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली  गाँव के किनारे बने एक छोटे से घर में एक दादी रहती थी, जो हर सुबह आँगन में ताज़ी रोटियाँ सेंकती थी. घर के आसपास पेड़ों की छाया थी, और दादी की रोटियों की खुशबू दूर तक फैल जाती थी. उसी घर के पास एक चालाक नेवला रहता था, जिसे […]

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