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मछुआरा-और-दैत्य-–-The-Fisherman-and-the-Giant-Tale

मछुआरा और दैत्य – The Fisherman and the Giant Tale

मछुआरा और दैत्य समुद्र किनारे बसे एक छोटे से गाँव में एक गरीब मछुआरा रहता था जिसका नाम फ़रीद था। उसकी ज़िंदगी हर दिन एक ही संघर्ष से भरी होती थी। सुबह से शाम तक वह समुद्र में जाल डालता, लेकिन बदले में सिर्फ कुछ साधारण मछलियाँ मिलतीं, जिनसे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से चलता […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: मेहनत और भाग्य की परीक्षा भाग इक्कीस

विक्रम और बेताल: मेहनत और भाग्य की परीक्षा रात गहरी होती जा रही थी। श्मशान की चिता से उठती मंद लपटें आसमान में अजीब-सी रौशनी फैला रही थीं। पूरा वातावरण भय, मरघट और रहस्य से भरा हुआ था। लेकिन राजा विक्रम एक बार फिर बेताल को पकड़ने के लिए निर्भीकता से आगे बढ़ रहे थे। […]

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पितृ-वचन-का-पालन---Lord-Rama’s-Word (1)

पितृ-वचन का पालन – Lord Rama’s Word

 पितृ-वचन का पालन प्रभु राम एक सुंदर युवक के रूप में बड़े हुए और अल्पायु में ही ऋषि विश्वामित्र के साथ राक्षसों खर और दूषण का वध करने चले गए, जो ऋषि की तपस्या में विघ्न डाल रहे थे। कुछ समय बाद, ऋषि राम को राजा जनक के दरबार में ले गए, जहाँ भगवान शिव […]

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परियों-की-रसोई-Fairy-Kitchen

परियों की रसोई – Fairy Kitchen

परियों की रसोई जंगल के उस कोने में एक पुरानी लकड़ी की झोपड़ी थी जिसे हर कोई सिर्फ एक साधारण घर समझता था, लेकिन असल में वह झोपड़ी एक जादुई रसोई थी जिसे परियाँ चलाती थीं और इस रसोई का एक नियम था कि यहाँ से खाना सिर्फ उन्हें मिलता था जो किसी की मदद […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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सबका भला होता है - Everything Happens for Good

सबका भला होता है – Everything Happens for Good

सबका भला होता है एक समय की बात है, एक राजा रहता था जिसे शिकार का बड़ा शौक था। वह अक्सर अपने मंत्री के साथ शिकार पर जाया करता था। एक ऐसे ही शिकार के दौरान, उसका एक भयंकर शेर से सामना हुआ और उसने अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली गंवा दी। खून बहता […]

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Raman's-Soul-and-the-King's-Fear---11

तेनाली रामन की अपूर्व चतुराई और राजदरबार के किस्से – 11 से 15

रामन की आत्मा और राजा का भय – 11   ब्राह्मण हत्या एक महापाप मानी जाती थी। इस पाप का प्रायश्चित करना आवश्यक था। यह विश्वास प्राचीन काल से चला आ रहा था। तेनाली रामन एक ब्राह्मण थे। राजा ने रामन को मार डाला था। इस क्रूर कृत्य का दुष्प्रभाव समस्त देश पर पड़ेगा। महल […]

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गधे का काम और कुत्ते की चुप्पी - Do Your Duty & Be Quiet

गधे का काम और कुत्ते की चुप्पी – Do Your Duty and Be Quiet

गधे का काम और कुत्ते की चुप्पी एक समय की बात है, एक धोबी रहता था। वह एक छोटे से कस्बे के लोगों के गंदे कपड़े धोया करता था। उसके पास एक गधा और एक कुत्ता था। गधे का काम था कस्बे के सभी लोगों का गंदे कपड़ों का बोझ शहर के बाहर बहती नदी […]

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singhasan-battisi-story-25-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 – जयलक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 पचीसवीं गुड़िया जयलक्ष्मी ने राजा भोज को रोकते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और उसकी सोच एक-दूसरे से भिन्न होती है। जब तक कोई व्यक्ति यह न समझे कि संसार में अलग-अलग प्रकृतियाँ और विचार वाले लोग रहते हैं, तब तक वह उस सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

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