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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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तेनाली रमन की चतुराई के किस्से – 26 से 30

इनाम की साझेदारी – 26 कुचिपुड़ी मंडली विजयनगर से लौट आई। रमन ने ही मंडली को समेटा था। राजा ने रमन को बुलाकर पूछताछ की। रमन अडिग रहा। ‘मैंने झूठ बोलने वालों को पीटा है।’ ‘वह कृष्ण की कहानियाँ सुना रहा था, है ना?’ राजा ने पूछा। ‘यदि ऐसा है तो मैंने पाप किया है। […]

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तेनाली रमन की हास्यपूर्ण और बुद्धिमान कथाएँ – 36 से 40

हारा हुआ सैनिक – 36 एक बार राजा, एक सैनिक और रमन विजयनगरम के एक दूरदराज के इलाके में गए, जहाँ निम्न जाति के लोग रहते थे। गाँव वाले एक असभ्य जीवन शैली का पालन करते थे। वे मरे हुए जानवरों और पक्षियों का मांस खाते थे। लेकिन वे जानवरों और पक्षियों को मारकर नहीं […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

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झूठा गडरिया

एक गाँव में एक लापरवाह गडरिया लड़का अपने पिता के साथ रहता था। एक दिन पिता ने उसे समझाया कि अब वह काफी बड़ा हो गया है और भेड़ों की देखभाल का दायित्व संभाल सकता है। इसलिए प्रतिदिन उसे भेड़ों के झुंड को हरे भरे मैदानों में ले जाना और उन्हें चरते हुए पहरा देना […]

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हाथी-और-चूहों-का-हुजूम-_-The-Elephant-and-the-Mice

हाथी और चूहों का हुजूम – The Elephant and the Mice

हाथी और चूहों का हुजूम  जंगल के बीचोंबीच एक पुराना रास्ता था जिसे हर दिन कई जानवर इस्तेमाल करते थे। उसी रास्ते के पास एक सूखा तालाब था, जिसके किनारों पर चूहों का एक बड़ा झुंड रहता था। यह जगह उनके लिए सुरक्षित थी क्योंकि आसपास घास थी, पेड़ों के खोखले तनों में उनके बिल […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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जंगल-का-नींद-वाला-पेड़-The-Sleepy-Tree-of-the-Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ – The Sleepy Tree of the Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ घने और शांत जंगल के बीचोंबीच एक छोटा सा खरगोश रहता था जिसका नाम टुनटुन था। टुनटुन बाकी खरगोशों से थोड़ा अलग था। उसके कान लंबे थे, पर उससे भी लंबी उसकी जिज्ञासा थी। वह हर दिन कुछ नया ढूंढने निकल पड़ता था। एक सुबह वह पेड़ों के पीछे छुपकर […]

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शिव ने बालक का दूध पिया - Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया – Tiru Gnana Sambandar of Sirkali

शिव ने बालक का दूध पिया तमिलनाडु के सिरकाली में गुरु ज्ञान संबंदर की कहानी अद्भुत है। उनके पिता प्रतिदिन शिव मंदिर जाते और भगवान को नैवेद्य के रूप में दूध अर्पित करते। भगवान को अर्पित करने के बाद पिता उस दूध को वापस घर लाते और छोटे बालक ज्ञान संबंदर को पिलाते। एक दिन, […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: राजा विक्रम और बेताल की बुद्धिमानी की परीक्षा भाग एक

  वेताल पच्चीसी, जिसे महान कवि सोमदेव भट्ट ने लगभग ढाई हज़ार वर्ष पहले रचा था, अद्भुत और रोमांचकारी कथाओं का संग्रह है। ये कहानियाँ चालाक और चतुर भूत बेताल द्वारा बुद्धिमान और पराक्रमी राजा विक्रमादित्य को सुनाई जाती हैं। इन कथाओं में प्राचीन काल की समृद्ध संस्कृति, भव्यता, शौर्य और जीवन के गहरे दर्शन […]

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