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राम-नाम-का-मोक्षदायी-प्रभाव---King-of-Kasi

राम नाम का मोक्षदायी प्रभाव – King of Kashi

राम नाम का मोक्षदायी प्रभाव काशी या वाराणसी भारत की एक महान पुण्य स्थली है, जहाँ पवित्र गंगा नदी में स्नान कर मनुष्य अपने पापों को धोता है। अपने पूर्व जन्मों के कुछ पापों के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए काशी के राजा भगवान नारायण की आराधना कर रहे थे। तब महर्षि नारद प्रकट […]

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क्रिस्टल-परी-की-भूलभुलैया---Crystal-Fairy’s-Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया – Crystal Fairy’s Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया हरे पहाड़ों के बीच एक शांत और चमकदार जंगल था जिसे लोग क्रिस्टल वन कहते थे। इस जंगल की खासियत थी कि यहाँ हर पत्ती, हर बेल और हर पत्थर में हल्की कांच जैसी चमक रहती थी। धूप जैसे ही गिरती, पूरा जंगल इंद्रधनुषी रोशनी से जगमगा उठता था। कहा जाता […]

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असली-मित्र-की-पहचान

असली मित्र की पहचान

एक घने जंगल में एक हाथी रहता था। वह बहुत अकेलापन महसूस करता था और उसकी इच्छा थी कि उसके कुछ सच्चे मित्र हों। एक दिन, उसने मित्रता की तलाश में जंगल के विभिन्न कोनों में भ्रमण शुरू किया। सबसे पहले उसकी नज़र एक पेड़ की डाल पर बैठे बंदर पर पड़ी। हाथी ने विनम्रता […]

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काँच-का-जंगल-_-The-Glass-Forest

काँच का जंगल | The Glass Forest

काँच का जंगल एक शांत गाँव की सीमा से थोड़ी दूर एक रहस्यमय जंगल था जिसे लोग काँच का जंगल कहते थे। कोई भी वहाँ आसानी से नहीं जाता था क्योंकि कहा जाता था कि उस जंगल में हर पेड़, हर पत्ता, हर फूल, यहाँ तक कि मिट्टी भी चमचमाते काँच की बनी हुई थी। […]

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आलसी गधे की चालाकी - Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी – Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी एक बार की बात है, एक नमक व्यापारी था। नमक बेचने के लिए उसे कपड़े के बोरे भरने पड़ते, गधे पर लादने पड़ते, फिर गधे के साथ एक नदी पार करके दूसरे किनारे के बाजार में जाकर नमक बेचना पड़ता। एक दिन व्यापारी बाजार पहुँचने में देर से निकला। जल्दबाजी में […]

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singhasan-battisi-story-18-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

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ईमानदार शिष्य - The Persistent Student

ईमानदार शिष्य – The Persistent Student

ईमानदार शिष्य श्री गुरु नरसिंह सरस्वती प्रायः एक किसान शिष्य के खेत के पास से गुज़रते थे। शिष्य गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा रखता था। जब भी गुरुजी उधर से निकलते, वह श्रद्धा से सिर झुकाकर उनके चरणों में गिर पड़ता। यह दृश्य नित्य का हो गया था। एक दिन गुरुजी ने उसकी इस अटूट […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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चतुर-गौरैया-और-लालची-कौआ---Clever-Sparrow-and-the-Greedy-Crow (1)

चतुर गौरैया और लालची कौआ – Clever Sparrow and the Greedy Crow

चतुर गौरैया और लालची कौआ हरे पेड़ों और शांत हवा वाले एक छोटे से गाँव के पास एक लंबा-सा बरगद का पेड़ खड़ा था। उसी पेड़ पर रहती थी चतुर गौरैया चिनी, जो मेहनती, शांत स्वभाव वाली और हमेशा दूसरों की मदद करने वाली थी। पेड़ की सबसे ऊपरी डाल पर रहता था कौआ काला, […]

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