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चांडाल-का-जीवन-और-उद्धार---Chandalas-Life

चांडाल का जीवन और उद्धार – Chandalas Life

चांडाल का जीवन और उद्धार एक दिन की बात है, एक चांडाल श्री गुरु नरसिंह सरस्वती के निवास स्थान से गुज़र रहा था। उसने गुरुदेव को देखा और उनके प्रति अपने हृदय में एक गहरी जिज्ञासा जागी। वह गुरु के चरणों में आकर बैठ गया और विनम्रतापूर्वक पूछने लगा, “हे गुरुदेव, मैं इस जन्म में […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य भाग पाँच

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य रात अत्यंत भयावह थी। कभी हल्की, कभी तेज़ वर्षा रुक-रुक कर हो रही थी। तेज़ हवाएँ पेड़ों को झकझोर रही थीं। वातावरण में अजीब सी घुटन और अनजान आवाज़ें गूंज रही थीं। बिजली की चमक के साथ आसपास की परछाइयाँ विकराल चेहरों […]

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दोस्ती का जादू: The Magic of Friendship

दोस्ती का जादू: The Magic of Friendship

सोने से पहले की कहानियाँ: The Magic of Friendship एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में तीन अच्छे दोस्त रहते थे—राजू, रीना, और मोहन। इन तीनों की दोस्ती बहुत गहरी थी। वे हमेशा एक-दूसरे के साथ खेलते, पढ़ाई करते और समय बिताते। गाँव के पास एक घना जंगल था, जहां लोग कम […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 10 – प्रभावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 10 दसवें दिन जब राजा भोज एक बार फिर सिंहासन के निकट पहुँचे तो दसवीं गुड़िया प्रभावती प्रकट हुई। वह प्रकाश से दमकती हुई बाहर आई और राजा भोज से बोली कि वह उन्हें एक ऐसी कथा सुनाएगी जिसमें राजा विक्रमादित्य का असाधारण पराक्रम और त्याग छिपा है। उसने स्पष्ट कहा कि […]

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विक्रम और बेताल: राजा विक्रम और बेताल की बुद्धिमानी की परीक्षा भाग एक

  वेताल पच्चीसी, जिसे महान कवि सोमदेव भट्ट ने लगभग ढाई हज़ार वर्ष पहले रचा था, अद्भुत और रोमांचकारी कथाओं का संग्रह है। ये कहानियाँ चालाक और चतुर भूत बेताल द्वारा बुद्धिमान और पराक्रमी राजा विक्रमादित्य को सुनाई जाती हैं। इन कथाओं में प्राचीन काल की समृद्ध संस्कृति, भव्यता, शौर्य और जीवन के गहरे दर्शन […]

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सोने का मृत्यु स्वरूप - Death Redefined

खज़ाने की आख़िरी कीमत – The Price of Greed

सोने का मृत्यु स्वरूप एक दिन एक सन्यासी गाँव की सड़क पर दौड़ रहा था। वह पूरी रफ्तार से भाग रहा था। लगता था मानो कोई उसका पीछा कर रहा हो। दौड़ते हुए वह हाँफ रहा था और उसका चेहरा भय से सफेद पड़ गया था। तीन गाँव के युवक – विजय, राजा और अरुण […]

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उल्लू-और-सुबह-का-पंछी-_-The-Owl-and-the-Morning-Bird

उल्लू और सुबह का पंछी | The Owl and the Morning Bird

उल्लू और सुबह का पंछी  घना जंगल था जहाँ सुबह की हल्की धूप पेड़ों के पत्तों पर गिरकर एक अलग ही चमक पैदा करती थी। जंगल के सभी पक्षी सुबह-सुबह जागकर उड़ान भरते थे और अपनी मीठी आवाजों से पूरे माहौल को ताज़ा कर देते थे। लेकिन उसी जंगल के एक पुराने पेड़ की खोखी […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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खतरे की सही पहचान - Signs of Danger

खतरे की सही पहचान – Signs of Danger

खतरे की सही पहचान एक समय की बात है। एक विशाल वृक्ष की शाखा पर बने घोंसले में चार छोटी-छोटी चिड़ियाँ अपनी माँ के साथ रहती थीं। चूजे अभी नन्हे थे और स्वयं उड़ नहीं सकते थे। माँ चिड़िया हर शाम उनके लिए दाने लाती और उन्हें खिलाती। पूरा दिन चूजे बस यही आस लगाए, […]

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