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पानी-की-नन्ही-रानी-–-The-Little-Queen-of-Water

पानी की नन्ही रानी – The Little Queen of Water

पानी की नन्ही रानी गाँव धीरे धीरे चिंता में डूब रहा था क्योंकि नदी का जल हर दिन कम होता जा रहा था, पहले जो नदी पूरे उत्साह से बहती थी अब सिर्फ पतली सी धारा बची थी और कई जगह तो नदी का तल दिखने लगा था, बच्चे खेलना छोड़कर नदी देखने जाते थे […]

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पेंसिल की सीख

राज नाम का एक लड़का अपनी अंग्रेजी की परीक्षा में कम अंक आने से दुखी था। वह अपने कमरे में बैठा था तभी उसकी दादी आईं और उसे सांत्वना दी। दादी उसके पास बैठ गईं और उसे एक पेंसिल दी। राज हैरानी से दादी को देखने लगा और बोला कि इतने बुरे नतीजे के बाद […]

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रात-का-नीला-घोड़ा---The-Blue-Horse-of-Night

रात का नीला घोड़ा – The Blue Horse of Night

रात का नीला घोड़ा रात का समय था और पूरा जंगल हल्की नीली रोशनी से भरा हुआ था क्योंकि परी नीलिमा अपनी रात की तैयारी कर रही थी। नीलिमा एक छोटी लेकिन बहादुर, दयालु और बेहद प्यारी परी थी, जो हर रात आसमान में उड़कर तारों की देखभाल करती थी। उसका सबसे खास साथी था […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 11 – त्रिलोचनी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 ग्यारहवें दिन, राजा भोज धीरे-धीरे राज्याभिषेक की ओर बढ़े। तभी ग्यारहवीं गुड़िया त्रिलोचनी प्रकट हुई और उन्होंने राजा के सामने राजा विक्रमादित्य की एक अन्य कथा कहनी शुरू की। “राजा भोज, मेरा नाम त्रिलोचनी है। मैंने इस सिंहासन के महान शासक राजा विक्रमादित्य की लंबे समय तक सेवा की है। मैंने […]

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चींटी-और-कबूतर-की-मित्रता

चींटी और कबूतर की मित्रता

एक बार की बात है, एक प्यासी चींटी नदी से पानी पी रही थी। अचानक वह संतुलन खो बैठी और नदी के पानी में गिर गई। चींटी जोर-जोर से चिल्लाने लगी, “बचाओ! बचाओ!” परंतु उसकी पुकार कोई नहीं सुन पाया। पास ही एक पेड़ पर बैठी एक कबूतर ने चींटी को संकट में देखा। उसने […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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अयोध्याकाण्ड की पावन कथा – 4

अयोध्याकाण्ड की पावन कथा और श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी श्रीराम के अनेक सद्गुण थे। वे सुन्दर स्वरूप एवं मनोहर व्यवहार वाले थे। उनकी वाणी कोमल तथा स्नेहपूर्ण थी। यदि कोई उन्हें डाँटता तो वे कभी भी उसी प्रकार उत्तर नहीं देते थे। उन्हें प्राप्त सहायता चाहे छोटी हो या बड़ी, सदैव स्मरण रहती थी। […]

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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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कबूतर-और-अनाज-का-जाल-_-The-Pigeons-and-the-Grain-Trap

कबूतर और अनाज का जाल | The Pigeons and the Grain Trap

कबूतर और अनाज का जाल घने पेड़ों से भरे एक शांत इलाके में कबूतरों का एक बड़ा झुंड रहता था। वे हर सुबह मिलकर उड़ान भरते, आसमान में गोल-गोल चक्कर लगाते और फिर किसी खेत या बगीचे में उतरकर अपना भोजन तलाशते। उनके झुंड में सबसे बड़ी बात यह थी कि वे हमेशा एक साथ […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

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