हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

बच्चों के लिए हिंदी कहानियाँ

भूतों की 5 मनमोहक कहानियाँ | बच्चों के लिए हिंदी कहानियाँ

1. गोलू और पेड़ का दोस्त (Golu aur Ped ka Dost) गोलू अपने घर के आँगन में बड़े से आम के पेड़ के नीचे बैठकर किताब पढ़ना बहुत पसंद करता था। उसे लगता था मानो पेड़ उसका साथी हो। एक दिन, जब वह किताब पढ़ रहा था, तभी हवा का एक झोंका आया और एक […]

Continue Reading
जादुई-बांसुरी-की-रात-Magical-Night-of-the-Enchanted-Flute

जादुई बांसुरी की रात – Magical Night of the Enchanted Flute

जादुई बांसुरी की रात पहाड़ियों के पास बसे एक शांत से गाँव में लखन नाम का एक छोटा चरवाहा रहता था। वह भोर होते ही अपनी भेड़ों को लेकर चराई पर निकल जाता और शाम ढलते ही घर लौट आता। लखन की सबसे खास बात उसका साफ दिल था। वह किसी को दुखी नहीं देख […]

Continue Reading
Childhood Love

बचपन का अनमोल रिश्ता – Story Of Childhood Bond

एक छोटे से गाँव में दो प्यारे बच्चे रहते थे — आरव और सिया। दोनों का घर एक ही गली में था, और दोनों की उम्र भी लगभग बराबर थी। हर सुबह आरव अपनी स्लेट और किताबें लेकर स्कूल जाता, और रास्ते में सिया से जरूर मिलता। सिया के बाल दो सुंदर चोटियों में बंधे […]

Continue Reading
देववृक्ष का रहस्य – The Secret of the Divine Tree

देववृक्ष का रहस्य – The Secret of the Divine Tree

देववृक्ष का रहस्य  प्राचीन समय की बात है, जब देवता, मनुष्य और असुर सभी पृथ्वी पर अपने-अपने कार्यों में लगे रहते थे। हिमालय की ऊँची-ऊँची चोटियों के बीच एक पवित्र आश्रम था जहाँ महान ऋषि वत्स तपस्या करते थे। आश्रम के चारों ओर शांति और प्रकृति की सुंदरता फैली हुई थी। वहाँ का सबसे अनोखा […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-21-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 – चंद्रज्योति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 अगली सुबह जब राजा भोज पुनः उस दिव्य सिंहासन पर बैठने का प्रयत्न करने लगे, तो उसी क्षण उनके सामने इक्कीसवीं पुतली चंद्रज्योति प्रकट हुई। वह चमकती हुई रौशनी की तरह उनके सम्मुख अवतरित हुई और मनोहर स्वर में बोली कि वह विक्रमादित्य के पवित्र और शक्तिमान सिंहासन की इक्कीसवीं पुतली […]

Continue Reading
एकता में ही बल है - Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है – Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है एक समय की बात है, एक बूढ़े पिता थे और उनके चार पुत्र थे। चारों पुत्र अब युवावस्था में आ चुके थे। हर कोई बीस के दशक में था और दुनिया को जीतने के लिए तैयार था। वे सभी शिक्षित थे, पर समस्या यह थी कि वे आपस में एक […]

Continue Reading
सबका भला होता है - Everything Happens for Good

सबका भला होता है – Everything Happens for Good

सबका भला होता है एक समय की बात है, एक राजा रहता था जिसे शिकार का बड़ा शौक था। वह अक्सर अपने मंत्री के साथ शिकार पर जाया करता था। एक ऐसे ही शिकार के दौरान, उसका एक भयंकर शेर से सामना हुआ और उसने अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली गंवा दी। खून बहता […]

Continue Reading
शहरी-चूहा-और-ग्रामीण-चूहा

शहरी चूहा और ग्रामीण चूहा

एक समय की बात है, एक शहरी चूहा और एक ग्रामीण चूहा रहते थे। एक दिन ग्रामीण चूहे ने शहरी चूहे को अपने घर आमंत्रित किया। ग्रामीण चूहे ने जब भोजन परोसा तो शहरी चूहा निराश हो गया। उसने कहा, “बस इतना ही? यह तो कुछ मक्का और अनाज के दाने मात्र हैं। यदि तुम […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: सच्चा पुरस्कार भाग आठ

विक्रम और बेताल: सच्चा पुरस्कार एक अँधेरी और बरसाती रात थी। चारों ओर अजीब-अजीब आवाज़ें गूँज रही थीं और सियारों की कराहती हुई ध्वनि माहौल को और भयावह बना रही थी। वातावरण कितना भी भयावह क्यों न हो, राजा विक्रमादित्य तनिक भी नहीं डरे। वे पेड़ पर चढ़कर शव को उतार लाए और उसे कंधे […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-2-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

Continue Reading