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मोर और कौवों की सभा – Peacock and the Crows’ Meeting

मोर और कौवों की सभा एक बड़े और शांत से जंगल के बीचोंबीच एक पुराना सा बरगद का पेड़ था, जिसकी फैली हुई शाखाओं पर हर तरह के पक्षी बैठते थे। उसी पेड़ के नीचे रोज सुबह एक छोटी सी सभा लगती थी। इस सभा में जंगल के कई पक्षी आते थे, पर सबसे ज्यादा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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वचन के धनी कर्ण - Karna – A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण – Karna A Man of his Word

वचन के धनी कर्ण महाभारत का युद्ध प्रारंभ होने से पहले, पांडवों की माता कुंती देवी कर्ण से मिलने गईं। कर्ण कुंती देवी का ज्येष्ठ पुत्र था, परंतु विवशतावश उन्होंने उसे त्याग दिया था। अब कर्ण एक पराक्रमी योद्धा बन चुका था और पांडवों के विरुद्ध युद्ध में था। वह कौरव सेना के अग्रणी दुर्योधन […]

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नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान  बहुत समय पहले, जब धरती पर जादू, तपस्या और दिव्य शक्तियों का अस्तित्व सामान्य था, एक शांत और हरे-भरे जंगल के बीचों-बीच कैलाशपुर नामक एक छोटा-सा गाँव बसा था। इस गाँव के लोग मेहनती, सरल और प्रकृति-प्रेमी थे। उनके जीवन में सुख था, लेकिन उनके आसपास बसे जंगल में कई रहस्य भी […]

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अकबर और बीरबल

अकबर-बीरबल की अनोखी कहानियाँ: चतुराई और हास्य का अनूठा संगम

परिचय मुग़ल सम्राट अकबर, जो तीसरे मुग़ल बादशाह थे, के दरबार में कई प्रतिभाशाली और चतुर लोग थे। उनमें से एक थे राजा बीरबल, जो अपनी तेज बुद्धि के कारण सम्राट के विशेष प्रिय थे। राजा बीरबल कविताएँ लिखते थे, और अकबर ने उन्हें “कवि राज” की उपाधि दी थी। अकबर को बीरबल को अपने […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 10 – प्रभावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 10 दसवें दिन जब राजा भोज एक बार फिर सिंहासन के निकट पहुँचे तो दसवीं गुड़िया प्रभावती प्रकट हुई। वह प्रकाश से दमकती हुई बाहर आई और राजा भोज से बोली कि वह उन्हें एक ऐसी कथा सुनाएगी जिसमें राजा विक्रमादित्य का असाधारण पराक्रम और त्याग छिपा है। उसने स्पष्ट कहा कि […]

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उड़ती-हुई-किताब-–-The-Flying-Book

उड़ती हुई किताब – The Flying Book

उड़ती हुई किताब  एक शांत दोपहर थी जब नील अपने कमरे में बैठा था। बारिश अभी-अभी थमी थी और खिड़की के पास रखी पुरानी लकड़ी की मेज पर एक बड़ी, धूल भरी किताब पड़ी थी। यह किताब नील को अटारी में मिली थी और उस पर किसी भी तरह का नाम या लेखक नहीं लिखा […]

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The-Vanishing-Shadow

छाया ने दिया रहस्यमय संदेश | The Shadow Gave a Mysterious Message

जो देखता था सबको पर खुद को नहीं देख पाया पूरे इलाके में वह अपने पैनी नजर के लिए मशहूर था। उसकी आँखें दूसरों की छोटी-से-छोटी गलती पकड़ लेती थीं। अखबार में छपा टाइपो, सड़क पर गिरा कागज, बाजार में दुकानदार की गिनती में चूक—कुछ भी उसकी नजर से बच नहीं पाता। लेकिन उसकी यह […]

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इंद्रधनुष-का-खजाना-The-Treasure-of-the-Rainbow

इंद्रधनुष का खजाना – The Treasure of the Rainbow

इंद्रधनुष का खजाना हरे पहाड़ों और शांत नदी के बीच बसे एक छोटे से गाँव में नीलम नाम की एक जिज्ञासु बच्ची रहती थी। नीलम हमेशा आसमान में होने वाले बदलावों को ध्यान से देखती थी। उसे बादलों के आकार, हवा की चाल और खासकर इंद्रधनुष बहुत पसंद था। जब भी बारिश के बाद आसमान […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 19 – रूपरेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 19 उन्नीसवें दिन राजा भोज जब सिंहासन पर बैठने जा रहे थे, तभी उन्नीसवीं गुड़िया रूपरेखा ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि वह एक कहानी सुनाएगी, जो यह बताएगी कि न्याय करने में मन और ज्ञान दोनों का संतुलन कितना महत्वपूर्ण होता है। उसने राजा से कहा कि पहले पूरी कहानी […]

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