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जंगल-का-सच्चा-रखवाला---The-True-Guardian-of-the-Forest

जंगल का सच्चा रखवाला – The True Guardian of the Forest

जंगल का सच्चा रखवाला जंगलपुर नाम की एक हरी–भरी भूमि थी जहाँ तरह–तरह के जानवर रहते थे। वहाँ एक बड़ा सा तालाब था, ऊँचे पेड़ों से भरी घाटियाँ थीं और चारों तरफ सुख, शांति और हँसी दिखाई देती थी। इस जंगल की एक खास बात थी कि यहाँ के सभी जानवर आपस में गहरी मित्रता, […]

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the-golden-touch-greed-story

परी और सोने का स्पर्श

एक छोटे से शहर में एक बहुत लालची आदमी रहता था। वह पहले से ही बहुत धनी था, लेकिन उसे सोने और कीमती चीज़ों का कभी संतोष नहीं होता था। उसे हमेशा और अधिक धन की चाह रहती थी। हालाँकि, इन सबके बीच वह अपनी छोटी बेटी से बहुत प्रेम करता था। उसकी बेटी ही […]

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डरपोक-बादल-और-चमकीली-रात-The-Timid-Cloud-and-the-Shining-Night

डरपोक बादल और चमकीली रात – The Timid Cloud and the Shining Night

डरपोक बादल और चमकीली रात रात का आसमान शांत था, ठंडी हवा पेड़ों की पत्तियों को हल्के से हिला रही थी। आसमान में छोटे-छोटे तारे चमक रहे थे, लेकिन उस रात कुछ अलग होने वाला था। आसमान के एक कोने में बादल मीठू धीरे-धीरे तैर रहा था। मीठू बाकी बादलों की तरह खुशमिजाज नहीं था। […]

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kishkindha-kanda-ki-pavan-katha-6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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Saktuprasta-and-Squirrel-Heaven-Story---सक्तुप्रस्त-और-स्वर्ण-धूसर-गिलहरी-की-कथा

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी – Saktuprasta and Squirrel of Heaven

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी एक समय की बात है, एक गिलहरी थी जिसके शरीर का दाहिना भाग स्वर्णिम था और बायाँ भाग धूसर वर्ण का था। जहाँ कहीं भी कोई यज्ञ होता, वह गिलहरी वहाँ जाकर भूमि और जल में लोटने लगती। एक दिन पाण्डवों में ज्येष्ठ, युधिष्ठिर अर्थात धर्मराज, एक महान यज्ञ का अनुष्ठान […]

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अबिरामी देवी की असीम भक्ति - True Devotion to Abirami

अबिरामी देवी की असीम भक्ति – True Devotion to Abirami

अबिरामी देवी की असीम भक्ति तमिलनाडु की पवित्र भूमि पर एक बार सुब्रह्मण्यम नामक एक महान भक्त रहते थे। उनकी आराध्य थीं माँ अबिरामी। उनकी भक्ति इतनी गहन और निश्छल थी कि वे हर किसी को देवी की महिमा के बारे में बताने लगते। वे अबिरामी मंदिर के पास लोगों का समूह जमा करते, देवी […]

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अर्जुन-का-अभिमान-भंग---The-Gandiva-Bow-of-Arjuna

अर्जुन का गाण्डीव धनुष – The Gandiva Bow of Arjuna

अर्जुन का गाण्डीव धनुष एक दिन अर्जुन मथुरा में भगवान कृष्ण से मिलने पहुँचे। उस समय तक अग्निदेव ने महान धनुर्धर अर्जुन को दिव्य गाण्डीव धनुष प्रदान कर दिया था। गाण्डीव के साथ, अर्जुन का आत्मविश्वास इतना बढ़ गया था कि वह स्वयं को जीवित सर्वश्रेष्ठ योद्धा मानने लगे। उन्होंने भगवान कृष्ण से कहा कि […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत भाग सत्रह

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था, और पेड़ों की सूखी शाखाएँ हवा में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर गूंजती फुसफुसाहटें और हवा में उड़ते पत्तों की सरसराहट वातावरण को और भी भयानक बना रही थी। […]

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The-Reward-for-Insult--18

तेनाली रमन की चतुराई भरी कहानियाँ और उसकी समस्याओं का हल – 16 से 20

धोबी की पत्नी को पेंशन – 16 राजा बहुत उदास था। उसने सोचा कि रमन मर गया है। एक साधु की हत्या के आरोप में रमन को मारने का आदेश उसी ने दिया था। मृत साधु के अपराधी होने का पता चलने पर राजा को गहरा दुख हुआ। हालाँकि हत्या का दोषी रमन ही था, […]

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