हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

singhasan-battisi-story-1-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 1 – रत्नमंजरी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 1 एक सुंदर गुड़िया अचानक तेज़ प्रकाश से घिरी और कुछ ही क्षणों में वह एक दिव्य और तेजस्वी स्त्री में बदल गई। उसके चेहरे पर अद्भुत चमक थी। वह मधुर पर दृढ़ स्वर में बोली,“राजा भोज, मैं रत्नमंजरी हूँ। हम इसलिए हँसे क्योंकि आप उस महान राजा जैसे नहीं हैं, जो […]

Continue Reading
सफ़ेद-पक्षियों-का-रहस्य-–-The-White-Birds-Mystery

सफ़ेद पक्षियों का रहस्य – The White Birds Mystery

सफ़ेद पक्षियों का रहस्य  प्राचीन समय की बात है, एक शांत राज्य में एक राजा अपनी दूसरी पत्नी और ग्यारह बच्चों के साथ रहता था। राजा की पहली रानी का देहांत हो चुका था, और उनकी एकमात्र बेटी एलिसा अपने दस बड़े भाइयों के साथ सुख से रहती थी। परन्तु जब राजा ने नई रानी […]

Continue Reading
अकबर और बीरबल

अकबर-बीरबल की अनोखी कहानियाँ: चतुराई और हास्य का अनूठा संगम

परिचय मुग़ल सम्राट अकबर, जो तीसरे मुग़ल बादशाह थे, के दरबार में कई प्रतिभाशाली और चतुर लोग थे। उनमें से एक थे राजा बीरबल, जो अपनी तेज बुद्धि के कारण सम्राट के विशेष प्रिय थे। राजा बीरबल कविताएँ लिखते थे, और अकबर ने उन्हें “कवि राज” की उपाधि दी थी। अकबर को बीरबल को अपने […]

Continue Reading
जादुई-जंगल-और-कांच-की-परी---The-Enchanted-Forest-and-the-Glass-Fairy

जादुई जंगल और कांच की परी – The Enchanted Forest and the Glass Fairy

जादुई जंगल और कांच की परी बहुत समय पहले, एक शांत पहाड़ी गाँव में आरिया नाम की एक जिज्ञासु लड़की रहती थी। उसे दुनिया की हर नई चीज़ के बारे में जानने का शौक था। उसके दादा अक्सर उसे पुरानी कथाएँ सुनाते थे, जिनमें जादू, रहस्य और अद्भुत जीवों की कहानियाँ होती थीं। एक दिन […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-5-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-21-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 – चंद्रज्योति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 अगली सुबह जब राजा भोज पुनः उस दिव्य सिंहासन पर बैठने का प्रयत्न करने लगे, तो उसी क्षण उनके सामने इक्कीसवीं पुतली चंद्रज्योति प्रकट हुई। वह चमकती हुई रौशनी की तरह उनके सम्मुख अवतरित हुई और मनोहर स्वर में बोली कि वह विक्रमादित्य के पवित्र और शक्तिमान सिंहासन की इक्कीसवीं पुतली […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत भाग सत्रह

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था, और पेड़ों की सूखी शाखाएँ हवा में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर गूंजती फुसफुसाहटें और हवा में उड़ते पत्तों की सरसराहट वातावरण को और भी भयानक बना रही थी। […]

Continue Reading
चींटी-और-कबूतर-की-मित्रता

चींटी और कबूतर की मित्रता

एक बार की बात है, एक प्यासी चींटी नदी से पानी पी रही थी। अचानक वह संतुलन खो बैठी और नदी के पानी में गिर गई। चींटी जोर-जोर से चिल्लाने लगी, “बचाओ! बचाओ!” परंतु उसकी पुकार कोई नहीं सुन पाया। पास ही एक पेड़ पर बैठी एक कबूतर ने चींटी को संकट में देखा। उसने […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-19-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 19 – रूपरेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 19 उन्नीसवें दिन राजा भोज जब सिंहासन पर बैठने जा रहे थे, तभी उन्नीसवीं गुड़िया रूपरेखा ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि वह एक कहानी सुनाएगी, जो यह बताएगी कि न्याय करने में मन और ज्ञान दोनों का संतुलन कितना महत्वपूर्ण होता है। उसने राजा से कहा कि पहले पूरी कहानी […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-30-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 30 – जया लक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 30 तीसवें दिन जब राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने आए, तो तीसवीं गुड़िया ने उन्हें रोका और अपना परिचय देते हुए कहानी सुनाने लगी। उसने कहा कि वह जया लक्ष्मी है, विक्रमादित्य के सिंहासन की तीसवीं गुड़िया। वह बोली कि हर दिन राजा भोज सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते […]

Continue Reading