हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

रात-का-नीला-घोड़ा---The-Blue-Horse-of-Night

रात का नीला घोड़ा – The Blue Horse of Night

रात का नीला घोड़ा रात का समय था और पूरा जंगल हल्की नीली रोशनी से भरा हुआ था क्योंकि परी नीलिमा अपनी रात की तैयारी कर रही थी। नीलिमा एक छोटी लेकिन बहादुर, दयालु और बेहद प्यारी परी थी, जो हर रात आसमान में उड़कर तारों की देखभाल करती थी। उसका सबसे खास साथी था […]

Continue Reading
The-Reward-for-Insult--18

तेनाली रमन की चतुराई भरी कहानियाँ और उसकी समस्याओं का हल – 16 से 20

धोबी की पत्नी को पेंशन – 16 राजा बहुत उदास था। उसने सोचा कि रमन मर गया है। एक साधु की हत्या के आरोप में रमन को मारने का आदेश उसी ने दिया था। मृत साधु के अपराधी होने का पता चलने पर राजा को गहरा दुख हुआ। हालाँकि हत्या का दोषी रमन ही था, […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-31-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 31 – कौशल्या की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 31 इकतीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने आए, तो इकतीसवीं गुड़िया उनके सामने प्रकट हुई और राजा विक्रमादित्य से जुड़ी एक कथा सुनाने लगी। उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह कौशल्या है, इस दिव्य सिंहासन की इकतीसवीं गुड़िया। उसने राजा भोज से कहा कि जब स्वयं विक्रमादित्य […]

Continue Reading
दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-16-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 16 – सत्यवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 16  सोलहवें दिन फिर से राजा भोज सिंहासन पर बैठने चले, तभी सिंहासन की सोलहवीं गुड़िया प्रकट हुई और उसने उन्हें रोका। गुड़िया ने कहा कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाएगी, जो उनकी अनुपम उदारता को दर्शाती है। यदि राजा भोज उस उदारता की बराबरी कर सकें, तभी वे […]

Continue Reading
ant-and-dove-friendship-hindi-story

चींटी और कबूतर की मित्रता

गर्मी के एक तपते दिन, एक चींटी पानी की तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। काफी देर भटकने के बाद उसे एक नदी दिखाई दी। पानी देखकर वह बहुत खुश हुई। वह पानी पीने के लिए एक छोटे पत्थर पर चढ़ी, पर फिसल कर नदी में गिर गई। वह डूबने लगी। उसी समय पास के […]

Continue Reading
राम-नाम-का-मोक्षदायी-प्रभाव---King-of-Kasi

राम नाम का मोक्षदायी प्रभाव – King of Kashi

राम नाम का मोक्षदायी प्रभाव काशी या वाराणसी भारत की एक महान पुण्य स्थली है, जहाँ पवित्र गंगा नदी में स्नान कर मनुष्य अपने पापों को धोता है। अपने पूर्व जन्मों के कुछ पापों के प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए काशी के राजा भगवान नारायण की आराधना कर रहे थे। तब महर्षि नारद प्रकट […]

Continue Reading
चिड़िया-और-आँधी-–-The-Bird-and-the-Storm

चिड़िया और आँधी – The Bird and the Storm

चिड़िया और आँधी  एक छोटा सा गाँव था जो पहाड़ियों और खेतों से घिरा हुआ था। उस गाँव के किनारे एक पुराना सा पीपल का पेड़ खड़ा था जो कई बरसों से मौसमों को आते और जाते देखता रहा था। उसी पेड़ की एक ऊँची टहनी पर एक नन्ही चिड़िया रहती थी। वह कोई खास […]

Continue Reading
मुर्गा-और-सूरज-का-भ्रम-_-The-Rooster-and-the-Illusion-of-the-Sun

मुर्गा और सूरज का भ्रम | The Rooster and the Illusion of the Sun

मुर्गा और सूरज का भ्रम शांत गाँव के किनारे फैली हरी जमीन पर एक लंबा सा बाड़ा बना था जहाँ कई तरह के पक्षी रहते थे और उनमें से सबसे शोर मचाने वाला था एक लाल कलगी वाला मुर्गा जिसका नाम सब प्यार से मुन्ना मुर्गा बुलाते थे क्योंकि उसकी बाँग इतनी तेज होती थी […]

Continue Reading
बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

Continue Reading