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कोयल-और-कठफोड़वा---The-Cuckoo-and-the-Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा – The Cuckoo and the Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा  घने जंगल के बीच एक पुराना सा पेड़ खड़ा था जिसकी शाखाओं पर अलग-अलग पक्षियों के घर बसे थे। उसी पेड़ के एक ऊँचे हिस्से में कठफोड़वा का मजबूत और साफ-सुथरा घोंसला था। कठफोड़वा मेहनती था और सुबह से शाम तक अपनी चोंच से पेड़ को ठक-ठक करता रहता था, ताकि कीड़े […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 32 – रूपवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 32 बत्तीसवें दिन राजा भोज अपने निर्णय के साथ बत्तीसवीं गुड़िया के सामने पहुँचे। गुड़िया ने उन्हें देखकर कहा कि आज वे सिंहासन पर बैठने के लिए उत्सुक नहीं दिख रहे हैं। उसने अपना परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मैं रूपवती हूँ, इन सभी गुड़ियाओं की अधिष्ठात्री। आज आपके मन में […]

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The-Vanishing-Shadow

छाया ने दिया रहस्यमय संदेश | The Shadow Gave a Mysterious Message

जो देखता था सबको पर खुद को नहीं देख पाया पूरे इलाके में वह अपने पैनी नजर के लिए मशहूर था। उसकी आँखें दूसरों की छोटी-से-छोटी गलती पकड़ लेती थीं। अखबार में छपा टाइपो, सड़क पर गिरा कागज, बाजार में दुकानदार की गिनती में चूक—कुछ भी उसकी नजर से बच नहीं पाता। लेकिन उसकी यह […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 28 – वैदेही की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 28 राजा भोज जब अट्ठाईसवें दिन पुनः सिंहासन पर बैठने हेतु आगे बढ़े, तभी अट्ठाईसवीं गुड़िया वैदेही उनके सामने प्रकट हुई। उसने स्वयं का परिचय देते हुए कहा, “राजा भोज, मेरा नाम वैदेही है। मैं इस सिंहासन की अट्ठाईसवीं गुड़िया हूँ। क्या आपको कभी देवेंद्र इंद्र ने अपने सिंहासन पर बैठने के […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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भेड़िया-और-मेमने-का-बहाना---Wolf-and-the-Lamb’s-Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना – Wolf and the Lamb’s Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना एक शांत पहाड़ी इलाके में एक साफ बहती छोटी नदी थी जिसके किनारे हर सुबह नरम धूप चमकती थी और घास पर ओस मोती जैसी टिमटिमाती थी। उसी नदी के पास एक चरवाहे का टोल चलता था लेकिन कभी-कभी कुछ मेमने अकेले चरने चले जाते थे क्योंकि वहाँ का वातावरण […]

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मेहनती-चींटी-और-आलसी-कीड़ा---The-Hardworking-Ant-and-the-Lazy-Worm

मेहनती चींटी और आलसी कीड़ा – The Hardworking Ant and the Lazy Worm

मेहनती चींटी और आलसी कीड़ा हरे-भरे जंगल के किनारे एक छोटा सा मैदान था, जहाँ छोटे-बड़े कई तरह के जीव रहते थे। सुबह होते ही इस मैदान की मिट्टी से हल्की भाप उठती थी, पेड़ों की पत्तियाँ ओस से चमकती थीं और हवा में मिट्टी की ताज़गी घुली रहती थी। इस सुंदर वातावरण में सबसे […]

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लालची-सुअर-और-चतुर-बकरा-_-The-Greedy-Pig-and-the-Clever-Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा | The Greedy Pig and the Clever Goat

लालची सुअर और चतुर बकरा एक बड़े से गाँव के बाहर फैला हरा-भरा मैदान था जहाँ कई तरह के जानवर आराम से रहते थे। वहाँ एक सुअर और एक बकरा भी रहते थे। दोनों को खुली हवा, घास और ताज़ी खुशबू वाली जमीन बहुत पसंद थी, लेकिन दोनों की आदतें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थीं। […]

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Baalkand ki Paavan Katha – 3

बालकांड की पावन कथा – 3

बालकांड की पावन कथा और अयोध्या का स्वर्णिम वर्णन  अयोध्या नगरी कोशल राज्य की राजधानी थी। यह पवित्र सरयू नदी के तट पर बसी एक अनुपम नगरी थी। मनु ने इसे अत्यंत सुंदर रूप में बसाया था। नगर का सौंदर्य देवताओं की राजधानी अमरावती के समान दिखाई देता था। चारों ओर पुष्पों की सुगंध फैलती […]

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उड़ने-वाला-जूता-और-बहादुर-बच्चा---Flying-Shoe-and-the-Brave-Child

उड़ने वाला जूता और बहादुर बच्चा – Flying Shoe and the Brave Child

उड़ने वाला जूता और बहादुर बच्चा एक हरी और शांत पहाड़ी की ढलान पर बसे छोटे से गांव में आरव नाम का एक बच्चा रहता था, जो अपने गांव में अपनी बहादुरी, दया, और सीखने की चाह के लिए जाना जाता था। आरव का परिवार साधारण था, घर मिट्टी और लकड़ी से बना था, और […]

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