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दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

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How-the-Squirrel-got-its-Stripes---गिलहरी-की-पीठ-पर-धारियाँ-कैसे-आईं

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं – How the Squirrel got its Stripes

गिलहरी की पीठ पर धारियाँ कैसे आईं एक समय की बात है, हनुमान लंका से लौटे थे। उन्होंने वहाँ माता सीता को दुखी अवस्था में देखा था और उसी का समाचार प्रभु श्रीराम को दिया। यह सुनते ही श्रीराम ने विलम्ब न करते हुए रावण की नगरी लंका जाने की तैयारी की और रामेश्वरम से […]

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kishkindha-kanda-ki-pavan-katha-6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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The-Ant,-Bird-&-Hunter---चींटी,-पक्षी-और-शिकारी-की-कथा

चींटी, पक्षी और शिकारी की कथा – The Ant, Bird & Hunter

चींटी, पक्षी और शिकारी की कथा एक बार की बात है, एक छोटी-सी चींटी भोजन की खोज में नदी के किनारे घूम रही थी। दिन का समय था और नदी का प्रवाह बहुत तेज था। चींटी जैसे ही एक पत्थर पर चढ़कर आगे बढ़ी, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर पड़ी। […]

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Saint-Tyagaraja---संत-त्यागराज

संत त्यागराज – Saint Tyagaraja

संत त्यागराज की कथा संत त्यागराज का जन्म 4 मई 1767 को तमिलनाडु के तंजावुर के समीप तिरुवैय्यारु में एक सरल और धर्मनिष्ठ तेलुगु स्मार्त ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनका कुल प्राचीन समय में आंध्र प्रदेश से तमिलनाडु आकर बस गया था। उनके पिता राम ब्रह्मम और माता सीतम्मा अत्यन्त श्रद्धालु थे, और घर में […]

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singhasan-battisi-story-4-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 4 – कम कांडला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 4 अगले दिन सुबह राजा भोज फिर से उसी दिव्य सिंहासन पर बैठने पहुँचे। जैसे ही उन्होंने आसन पर बैठने का प्रयास किया, सिंहासन से चौथी गुड़िया निकलकर उनके सामने खड़ी हो गई। उसने कहा मेरा नाम कम कांडला है। पहले मेरी कहानी सुनो और उसके बाद तय करो कि क्या तुम […]

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गोकर्ण-का-महत्व---Importance-of-Gokarna

गोकर्ण का महत्व – Importance of Gokarna

गोकर्ण का महत्व इक्ष्वाकु वंश में एक धर्मपरायण राजा थे, मित्र सह। वे वेदों द्वारा निर्धारित धर्म और न्याय के सिद्धांतों के अनुसार राज्य चलाते थे। एक दिन वे आखेट के लिए गए और एक राक्षस का वध कर दिया। चूँकि राक्षस अज्ञानी और ऋषि-मुनियों के लिए उपद्रवी होते थे, अतः राजा को उसके वध […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल भाग छह

विक्रम और बेताल: जीवन का प्रतिफल रात अत्यन्त अँधेरी थी। बीच-बीच में तेज़ बारिश की धाराएँ गिरतीं और फिर अचानक रुक जातीं। हवा के तेज़ झोंके पेड़ों को इस तरह हिलाते मानो वे किसी अदृश्य शक्ति के आगे काँप रहे हों। अजीब-अजीब सी आवाज़ें, दूर कहीं सियारों की करुण चीत्कार, और बीच-बीच में गड़गड़ाहट की […]

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जंगल-का-सच्चा-रखवाला---The-True-Guardian-of-the-Forest

जंगल का सच्चा रखवाला – The True Guardian of the Forest

जंगल का सच्चा रखवाला जंगलपुर नाम की एक हरी–भरी भूमि थी जहाँ तरह–तरह के जानवर रहते थे। वहाँ एक बड़ा सा तालाब था, ऊँचे पेड़ों से भरी घाटियाँ थीं और चारों तरफ सुख, शांति और हँसी दिखाई देती थी। इस जंगल की एक खास बात थी कि यहाँ के सभी जानवर आपस में गहरी मित्रता, […]

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नीले-बादल-का-अनोखा-सफर---The-Magical-Journey-of-the-Blue-Cloud

नीले बादल का अनोखा सफर – The Magical Journey of the Blue Cloud

नीले बादल का अनोखा सफर नीला एक छोटा सा बादल था जो बाकी बादलों से थोड़ा अलग था क्योंकि उसका रंग हल्का आसमानी नहीं बल्कि बिल्कुल साफ नीला था जैसे किसी ने रंग भर दिया हो। बाकी बादल उसे देखकर हमेशा हंसते थे और कहते थे कि वह बहुत अजीब है, लेकिन नीला कभी बुरा […]

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