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अबिरामी देवी की असीम भक्ति - True Devotion to Abirami

अबिरामी देवी की असीम भक्ति – True Devotion to Abirami

अबिरामी देवी की असीम भक्ति तमिलनाडु की पवित्र भूमि पर एक बार सुब्रह्मण्यम नामक एक महान भक्त रहते थे। उनकी आराध्य थीं माँ अबिरामी। उनकी भक्ति इतनी गहन और निश्छल थी कि वे हर किसी को देवी की महिमा के बारे में बताने लगते। वे अबिरामी मंदिर के पास लोगों का समूह जमा करते, देवी […]

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परियों-की-रसोई-Fairy-Kitchen

परियों की रसोई – Fairy Kitchen

परियों की रसोई जंगल के उस कोने में एक पुरानी लकड़ी की झोपड़ी थी जिसे हर कोई सिर्फ एक साधारण घर समझता था, लेकिन असल में वह झोपड़ी एक जादुई रसोई थी जिसे परियाँ चलाती थीं और इस रसोई का एक नियम था कि यहाँ से खाना सिर्फ उन्हें मिलता था जो किसी की मदद […]

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जादुई-बांसुरी-की-रात-Magical-Night-of-the-Enchanted-Flute

जादुई बांसुरी की रात – Magical Night of the Enchanted Flute

जादुई बांसुरी की रात पहाड़ियों के पास बसे एक शांत से गाँव में लखन नाम का एक छोटा चरवाहा रहता था। वह भोर होते ही अपनी भेड़ों को लेकर चराई पर निकल जाता और शाम ढलते ही घर लौट आता। लखन की सबसे खास बात उसका साफ दिल था। वह किसी को दुखी नहीं देख […]

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किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा – 6

किष्किन्धा काण्ड की पावन कथा और राम-सुग्रीव भेंट व हनुमान की कूटनीति ऋष्यमूक पर्वत के शिखर पर सुग्रीव अपने चार मित्रों के साथ बैठा था। उसकी दृष्टि पर्वत के चारों दिशाओं को सतर्कता से छान रही थी। वह अपने बड़े भाई बाली और उसके अनुचरों से अत्यंत भयभीत था। तभी उसने दो तरुण पुरुषों को […]

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नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान – The Blessing of the Serpent Gem

नागमणि का वरदान  बहुत समय पहले, जब धरती पर जादू, तपस्या और दिव्य शक्तियों का अस्तित्व सामान्य था, एक शांत और हरे-भरे जंगल के बीचों-बीच कैलाशपुर नामक एक छोटा-सा गाँव बसा था। इस गाँव के लोग मेहनती, सरल और प्रकृति-प्रेमी थे। उनके जीवन में सुख था, लेकिन उनके आसपास बसे जंगल में कई रहस्य भी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 5 – लीलावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 5 पांचवीं गुड़िया लीलावती की कहानी इस प्रकार है कि अगले दिन प्रातःकाल राजा भोज फिर से उस अद्वितीय सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, किंतु जैसे ही वे पास पहुँचे, सिंहासन से पांचवीं गुड़िया निकलकर उनके समक्ष आ खड़ी हुई और मधुर स्वर में बोली कि मेरा नाम लीलावती है […]

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कछुआ-और-दो-लोभी-मछलियाँ---The-Turtle-and-the-Two-Greedy-Fish

कछुआ और दो लोभी मछलियाँ – The Turtle and the Two Greedy Fish

कछुआ और दो लोभी मछलियाँ एक शांत तालाब में एक बूढ़ा कछुआ रहता था। तालाब बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें इतने पेड़ पौधे और ठंडी मिट्टी थी कि हर दिन नया और ताज़ा लगता था। उसी तालाब में दो मछलियाँ भी रहती थीं। दोनों तेज, चमकीली और हमेशा घूमने भागने वाली थीं। पर उनकी […]

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अरण्यकाण्ड की पावन कथा – 5

अरण्यकाण्ड की पावन कथा और दण्डक वन में श्रीराम का आगमन भरत वन में आए, राम से मिले, उनसे बातें कीं, उन्हें अयोध्या लौट चलने का अनुरोध किया, अपने प्रयास में सफल न हो सके तथा राम की पादुकाएँ लेकर अयोध्या लौट गए। तीनों माताएँ वहाँ आईं, वन में राम के जीवन को देखा, आँसू […]

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तीन-छोटे-सूअरों-की-कहानी

तीन छोटे सूअरों की कहानी

एक समय तीन छोटे सूअर भाई रहते थे। उन्होंने अपने-अपने घर बनाने का निश्चय किया। सबसे बड़े सूअर ने घास-फूस से अपना घर बनाया क्योंकि यह सामग्री हल्की और सर्वसुलभ थी। दूसरे सूअर ने लकड़ी का घर बनाया क्योंकि पेड़ से मज़बूत घर तैयार हो सकता था। किंतु सबसे छोटे सूअर ने ईंटें जोड़नी शुरू […]

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गुरुभक्त एकलव्य का त्याग - Ekalavya's Sacrifice

गुरुभक्त एकलव्य का त्याग – Ekalavya’s Sacrifice

गुरुभक्त एकलव्य का त्याग महाभारत के समय जब पांडव और कौरव द्रोणाचार्य से विद्या प्राप्त कर रहे थे, तब एक विलक्षण छात्र एकलव्य नामक निषाद कुमार भी धनुर्विद्या सीखने की अभिलाषा रखता था। द्रोणाचार्य हस्तिनापुर से दूर अपने आश्रम में राजकुमारों को शिक्षा देते थे। एकलव्य वहाँ चुपचाप छिपकर पूरी प्रक्रिया देखा करता था। उसने […]

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