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सिंहासन बत्तीसी कथा 24 – करुणावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 24 चौबीसवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के समीप पहुँचे तो चौबीसवीं पुतली करुणावती प्रकट हुई और बोली कि वे पहले राजा विक्रमादित्य की कथा सुनें और फिर निर्णय लें कि वे इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। यह कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने बताया कि विक्रमादित्य अपनी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 31 – कौशल्या की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 31 इकतीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने आए, तो इकतीसवीं गुड़िया उनके सामने प्रकट हुई और राजा विक्रमादित्य से जुड़ी एक कथा सुनाने लगी। उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह कौशल्या है, इस दिव्य सिंहासन की इकतीसवीं गुड़िया। उसने राजा भोज से कहा कि जब स्वयं विक्रमादित्य […]

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जिराफ़-और-छोटा-खरगोश-–-The-Giraffe-and-the-Little-Rabbit

जिराफ़ और छोटा खरगोश – The Giraffe and the Little Rabbit

जिराफ़ और छोटा खरगोश हरे मैदानों और ऊँचे पेड़ों से घिरे शांत जंगल में कई तरह के जानवर रहते थे। वहाँ सूरज की रोशनी पेड़ों की पत्तियों से छनकर जमीन पर गिरती और हवा में फूलों की महक घुली रहती थी। इसी जंगल में एक लंबा, सुडौल और ऊँची गर्दन वाला जिराफ़ भी रहता था। […]

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सिंहासन-बत्तीसी-की-कहानियाँ-(Sinhasan-Battisi-Stories)

सिंहासन बत्तीसी: विक्रमादित्य के अद्भुत किस्सों का आरंभ

सिंघासन बत्तीसी—यानी “बत्तीस कथाओं वाला सिंहासन”—भारतीय लोककथाओं का एक अनमोल खजाना है। यह सिर्फ कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक ऐसी कालजयी कृति है जिसमें इतिहास, कल्पना और नैतिक शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कहानी की शुरुआत होती है 11वीं शताब्दी के विद्वान और पराक्रमी सम्राट राजा भोज से। एक दिन […]

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नन्ही-तितली-परी---Tiny-Butterfly-Fairy

नन्ही तितली परी – Tiny Butterfly Fairy

नन्ही तितली परी नीले पहाड़ों के पीछे एक शांत और रंगों से भरी घाटी थी, जिसे लोग रूपनगर कहते थे। यहाँ हर सुबह सूरज की किरणें ऐसे गिरती थीं जैसे सोने की हल्की बारिश हो रही हो। इस घाटी में फूल सिर्फ फूल नहीं थे, वे हवा के साथ गुनगुनाते थे। पत्तों में हल्की चमक […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 23 – धरमवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 23 अगली सुबह जब राजा भोज सम्मानित आसन की ओर बढ़े, तो तेईसवीं गुड़िया आगे आई और उसने अपना संक्षिप्त परिचय देने के बाद एक कथा सुनानी शुरू की। उसने कहा कि उसका नाम धर्मवती है और वह राजा विक्रमादित्य के सिंहासन की तेईसवीं गुड़िया है। वह जो कहानी सुनाएगी, उससे यह […]

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Raman's-Soul-and-the-King's-Fear---11

तेनाली रामन की अपूर्व चतुराई और राजदरबार के किस्से – 11 से 15

रामन की आत्मा और राजा का भय – 11   ब्राह्मण हत्या एक महापाप मानी जाती थी। इस पाप का प्रायश्चित करना आवश्यक था। यह विश्वास प्राचीन काल से चला आ रहा था। तेनाली रामन एक ब्राह्मण थे। राजा ने रामन को मार डाला था। इस क्रूर कृत्य का दुष्प्रभाव समस्त देश पर पड़ेगा। महल […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

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नीले-जंगल-की-रक्षक-परी-The-Guardian-Fairy-of-the-Blue-Forest

नीले जंगल की रक्षक परी – The Guardian Fairy of the Blue Forest

नीले जंगल की रक्षक परी नीले जंगल के बीचोंबीच हरियाली से भरा एक सुंदर इलाका था जहाँ ऊँचे पेड़, चमकती झीलें और हल्की नीली धुंध हमेशा रहती थी। इस पूरे जंगल की रक्षा एक दयालु परी करती थी, जिसे सब नीली रक्षक कहकर बुलाते थे। उसके पंख हल्के नीले रंग के थे और उनमें से […]

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उड़ती-हुई-किताब-–-The-Flying-Book

उड़ती हुई किताब – The Flying Book

उड़ती हुई किताब  एक शांत दोपहर थी जब नील अपने कमरे में बैठा था। बारिश अभी-अभी थमी थी और खिड़की के पास रखी पुरानी लकड़ी की मेज पर एक बड़ी, धूल भरी किताब पड़ी थी। यह किताब नील को अटारी में मिली थी और उस पर किसी भी तरह का नाम या लेखक नहीं लिखा […]

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