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तोता-और-वृद्ध-व्यापारी---Parrot-and-the-Old-Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी – Parrot and the Old Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी एक समय की बात है, एक छोटे से कस्बे में एक वृद्ध व्यापारी रहता था। वह मेहनती था, पर उसकी उम्र अब इतनी हो चुकी थी कि दुकान संभालना उसके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा था। उसके घर के आंगन में एक सुंदर सा तोता रहता था, जिसकी हरी चमकदार […]

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गोकर्ण-का-शिवलिंग---Gokarna-Shiva-Linga

गोकर्ण का शिवलिंग – Gokarna Shiva Linga

गोकर्ण का शिवलिंग एक दिन लंका के समुद्र तट पर रावण टहल रहा था। उसने देखा कि उसकी माता ने समुद्र के किनारे की मिट्टी से अपने हाथों से एक शिवलिंग बनाया था। वह उस लिंग की पूजा कर रही थीं, और उनकी पूजा के बाद लहरें उस लिंग को बहा ले जाती थीं। यह […]

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दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

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चांद-के-बच्चों-का-खोया-हुआ-खिलौना---The-Lost-Toy-of-the-Moon-Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना – The Lost Toy of the Moon Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना रात का आसमान बिल्कुल शांत था, और पूरा गाँव हल्की नींद में डूबा था। घरों की छतों पर चांदनी ऐसे फैली थी जैसे किसी ने सफेद रेशम बिछा दिया हो। इसी शांत रात में गाँव की छोटी बच्ची अन्वी अपनी खिड़की से आसमान देख रही थी। उसे चांद […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 30 – जया लक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 30 तीसवें दिन जब राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने आए, तो तीसवीं गुड़िया ने उन्हें रोका और अपना परिचय देते हुए कहानी सुनाने लगी। उसने कहा कि वह जया लक्ष्मी है, विक्रमादित्य के सिंहासन की तीसवीं गुड़िया। वह बोली कि हर दिन राजा भोज सिंहासन पर बैठने का प्रयास करते […]

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उत्तरकाण्ड की पावन कथा – 9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा और सीतात्याग, लवणवध व श्रीराम की अंतर्धान लीला एक दिन जब श्रीराम अपने राज्य का शासन कर रहे थे, तब अनेक महान ऋषियों का एक दल महर्षि अगस्त्य के नेतृत्व में उनसे मिलने के लिए उपस्थित हुआ। अगस्त्य ने प्रासाद के रक्षकों से कहा, “कृपया राम को सूचित करें कि हम ऋषि […]

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बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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आलसी गधे की चालाकी - Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी – Dealing with the Lazy Donkey

आलसी गधे की चालाकी एक बार की बात है, एक नमक व्यापारी था। नमक बेचने के लिए उसे कपड़े के बोरे भरने पड़ते, गधे पर लादने पड़ते, फिर गधे के साथ एक नदी पार करके दूसरे किनारे के बाजार में जाकर नमक बेचना पड़ता। एक दिन व्यापारी बाजार पहुँचने में देर से निकला। जल्दबाजी में […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 6 – रविभामा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 6 छठे दिन, राजा भोज ने सच में सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने का निर्णय लिया। जैसे ही वे सिंहासन की ओर बढ़े, छठी गुड़िया जाग उठी और बोली, “मेरा नाम रविभामा है। मैंने राजा विक्रमादित्य की धैर्य और दयालुता देखी है। मैं आपको राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाऊंगी। उसके […]

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मेहनती-चींटी-और-आलसी-टिड्डा---The-Hardworking-Ant-and-the-Lazy-Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा – The Hardworking Ant and the Lazy Grasshopper

मेहनती चींटी और आलसी टिड्डा हरे-भरे खेतों और पेड़ों से घिरे एक शांत मैदान में दो छोटे जीव रहते थे। एक थी छोटी पर मेहनती चींटी लीला, जो पूरे साल सर्दियों की तैयारी में लगी रहती थी। दूसरा था आलसी टिड्डा गिन्नू, जिसे बस गाना, कूदना और धूप में मस्ती करना पसंद था। दोनों एक […]

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