कल्पवृक्ष की छाया में फँसा मनुष्य – Escaping the Vicious Cycle
कल्पवृक्ष की छाया में फँसा मनुष्य मनुष्य चार आधारभूत आवश्यकताओं अथवा समस्याओं – निद्रा, आहार, मैथुन और भय – के चक्र में फँसा हुआ है। यह एक दुष्चक्र है जिसे केवल ईश्वर के प्रति समर्पण और स्मरण के द्वारा ही पार किया जा सकता है। एक बार एक निर्धन व्यक्ति जीविका की तलाश में लंबी […]
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