हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

singhasan-battisi-story-29-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 29 – मानवती की कथा

इस कथा के अनुसार, उनत्तीसवें दिन जब राजा भोज शक्तिशाली और गौरवशाली सिंहासन पर बैठने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनत्तीसवीं गुड़िया मानवती ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे तभी इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य होंगे, जब उनमें राजा विक्रमादित्य जैसे महान गुणों का समावेश हो। उन्होंने अपने परिचय के बाद राजा […]

Continue Reading
चुप्पी-की-रानी-_-The-Queen-of-Silence

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी | The Queen of Silence and the Noisy Giant’s Unusual Tale

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी बहुत पहले की बात है, एक ऐसा पहाड़ी राज्य था जहाँ रात होते ही एक अद्भुत जादू होता था। यह जादू था शांति का! जैसे ही सूरज डूबता, पूरा राज्य मुलायम चाँदनी की चादर में सो जाता। इस राज्य की रानी का नाम था […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-11-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 – त्रिलोचनी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 11 ग्यारहवें दिन, राजा भोज धीरे-धीरे राज्याभिषेक की ओर बढ़े। तभी ग्यारहवीं गुड़िया त्रिलोचनी प्रकट हुई और उन्होंने राजा के सामने राजा विक्रमादित्य की एक अन्य कथा कहनी शुरू की। “राजा भोज, मेरा नाम त्रिलोचनी है। मैंने इस सिंहासन के महान शासक राजा विक्रमादित्य की लंबे समय तक सेवा की है। मैंने […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

Continue Reading
दो-बिल्लियाँ-और-चालाक-बंदर

दो बिल्लियाँ और चालाक बंदर

  एक समय की बात है, दो बिल्लियाँ गहरी मित्र थीं। एक दिन संयोग से उन्हें रास्ते में एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। दोनों में उसे बाँटने की बात हुई। परंतु जब उन्होंने रोटी के दो टुकड़े किए, तो एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा निकला। दोनों अपने-अपने हिस्से के लिए बड़ा टुकड़ा चाहती थीं। […]

Continue Reading
भेड़िया-और-मेमने-का-बहाना---Wolf-and-the-Lamb’s-Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना – Wolf and the Lamb’s Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना एक शांत पहाड़ी इलाके में एक साफ बहती छोटी नदी थी जिसके किनारे हर सुबह नरम धूप चमकती थी और घास पर ओस मोती जैसी टिमटिमाती थी। उसी नदी के पास एक चरवाहे का टोल चलता था लेकिन कभी-कभी कुछ मेमने अकेले चरने चले जाते थे क्योंकि वहाँ का वातावरण […]

Continue Reading
अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान | The Blessing of Agni Dev

अग्निदेव का वरदान  बहुत समय पहले की बात है। उत्तरी पर्वतों से घिरे एक शांत और समृद्ध राज्य का नाम था अग्निकाश। यह राज्य कृषि, संस्कृति और देवपूजा के लिए प्रसिद्ध था। लोग प्रकृति की पूजा करते और विशेष रूप से अग्निदेव का आभार मानते, क्योंकि उनका विश्वास था कि अग्निदेव ही राज्य में उष्मा, […]

Continue Reading
कोयल-और-कठफोड़वा---The-Cuckoo-and-the-Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा – The Cuckoo and the Woodpecker

कोयल और कठफोड़वा  घने जंगल के बीच एक पुराना सा पेड़ खड़ा था जिसकी शाखाओं पर अलग-अलग पक्षियों के घर बसे थे। उसी पेड़ के एक ऊँचे हिस्से में कठफोड़वा का मजबूत और साफ-सुथरा घोंसला था। कठफोड़वा मेहनती था और सुबह से शाम तक अपनी चोंच से पेड़ को ठक-ठक करता रहता था, ताकि कीड़े […]

Continue Reading

तेनाली रमन की चतुराई के किस्से – 26 से 30

इनाम की साझेदारी – 26 कुचिपुड़ी मंडली विजयनगर से लौट आई। रमन ने ही मंडली को समेटा था। राजा ने रमन को बुलाकर पूछताछ की। रमन अडिग रहा। ‘मैंने झूठ बोलने वालों को पीटा है।’ ‘वह कृष्ण की कहानियाँ सुना रहा था, है ना?’ राजा ने पूछा। ‘यदि ऐसा है तो मैंने पाप किया है। […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-7-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 7 – कौमुदी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 7 सातवें दिन, जब राजा भोज ने फिर से सिंहासन की ओर बढ़ने का प्रयास किया, सातवीं गुड़िया सिंहासन से उठकर उनके सामने खड़ी हो गई। उसने विनम्र लेकिन गंभीर स्वर में कहा, “राजन, मेरा नाम कौमुदी है। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास मत कीजिए जब तक आप इसके योग्य नहीं […]

Continue Reading