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मोर और कौवों की सभा – Peacock and the Crows’ Meeting

मोर और कौवों की सभा एक बड़े और शांत से जंगल के बीचोंबीच एक पुराना सा बरगद का पेड़ था, जिसकी फैली हुई शाखाओं पर हर तरह के पक्षी बैठते थे। उसी पेड़ के नीचे रोज सुबह एक छोटी सी सभा लगती थी। इस सभा में जंगल के कई पक्षी आते थे, पर सबसे ज्यादा […]

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Bharavi,-the-Humbled-Poet---भरवि,-दंभहीन-कवि

भरवि, दंभहीन कवि – Bharavi, the Humbled Poet

भरवि, दंभहीन कवि एक बार की बात है, एक महान कवि भरवि रहते थे। वे अत्यंत विद्वान, वेद-पुराणों के ज्ञाता और काव्य में निपुण थे। उनकी प्रशंसा राजा करते, सहचर विद्वान करते, माता करतीं और पत्नी भी करती थीं। किंतु, उनके स्वयं के पिता ने उन्हें कभी एक बार भी प्रशंसा के दो शब्द नहीं […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

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उड़ती-हुई-किताब-–-The-Flying-Book

उड़ती हुई किताब – The Flying Book

उड़ती हुई किताब  एक शांत दोपहर थी जब नील अपने कमरे में बैठा था। बारिश अभी-अभी थमी थी और खिड़की के पास रखी पुरानी लकड़ी की मेज पर एक बड़ी, धूल भरी किताब पड़ी थी। यह किताब नील को अटारी में मिली थी और उस पर किसी भी तरह का नाम या लेखक नहीं लिखा […]

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इंद्रधनुष-का-खजाना-The-Treasure-of-the-Rainbow

इंद्रधनुष का खजाना – The Treasure of the Rainbow

इंद्रधनुष का खजाना हरे पहाड़ों और शांत नदी के बीच बसे एक छोटे से गाँव में नीलम नाम की एक जिज्ञासु बच्ची रहती थी। नीलम हमेशा आसमान में होने वाले बदलावों को ध्यान से देखती थी। उसे बादलों के आकार, हवा की चाल और खासकर इंद्रधनुष बहुत पसंद था। जब भी बारिश के बाद आसमान […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: इंसानियत की असली पहचान भाग बीस

विक्रम और बेताल: इंसानियत की असली पहचान अंधेरी रात का वह समय था जब श्मशान की आग बुझ चुकी थी और हवा में बस धुएँ की हल्की सी गंध तैर रही थी। राजा विक्रम अपनी तलवार संभाले हुए उसी पेड़ की ओर बढ़ रहे थे जहाँ बेताल उल्टा लटका रहता था। हर कहानी के साथ […]

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शेर-और-चापलूस-सियार-–-The-Lion-and-the-Flattering-Jackal

शेर और चापलूस सियार – The Lion and the Flattering Jackal

शेर और चापलूस सियार  घने जंगल के बीच एक पुराना रास्ता था जो पेड़ों की छाया से भरा रहता था, उसी रास्ते के पास शेर दुरंग रहता था। दुरंग अपनी ताकत और तेज दहाड़ के लिए मशहूर था, लेकिन असल में वह बूढ़ा हो रहा था और उतना फुर्तीला नहीं रहा था। जंगल के कई […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई भाग सोलह

विक्रम और बेताल: स्वार्थ और कर्तव्य की लड़ाई रात का समय था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था। हवा की तीखी सीटी जैसी आवाजें कानों में कौंध रही थीं, और सूखे पेड़ों की टहनियाँ आपस में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर अजीब परछाइयाँ बन रही थीं, मानो […]

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गिलहरी-और-खोया-हुआ-अखरोट-का-खज़ाना---The-Squirrel-and-the-Lost-Nut-Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना – The Squirrel and the Lost Nut Treasure

गिलहरी और खोया हुआ अखरोट का खज़ाना हरे भरे जंगल में एक छोटी, फुर्तीली और चंचल गिलहरी रहती थी, जिसका नाम चिक्की था. चिक्की अपनी चमकीली भूरी पूंछ और तेज़ नज़रों के लिए मशहूर थी. वह हमेशा शाखाओं से शाखाओं पर कूदती रहती, अपने लिए अखरोट, फल, और बीज इकट्ठे करती. लेकिन उसकी सबसे खास […]

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the-curse-on-dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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