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क्रिस्टल-परी-की-भूलभुलैया---Crystal-Fairy’s-Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया – Crystal Fairy’s Maze

क्रिस्टल परी की भूलभुलैया हरे पहाड़ों के बीच एक शांत और चमकदार जंगल था जिसे लोग क्रिस्टल वन कहते थे। इस जंगल की खासियत थी कि यहाँ हर पत्ती, हर बेल और हर पत्थर में हल्की कांच जैसी चमक रहती थी। धूप जैसे ही गिरती, पूरा जंगल इंद्रधनुषी रोशनी से जगमगा उठता था। कहा जाता […]

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आसमान छूने की चाहत

आसमान छूने की चाहत

हवा का तेज़ झोंका आया। पोस्टमैन मुश्किल से शर्मा जी के घर के दरवाज़े तक पहुँचा। जब दरवाज़ा खुला, तो श्रीमती शर्मा ने “नमस्ते भैया” कहा, लेकिन “धन्यवाद” कहने से पहले ही हवा ने पोस्टमैन के हाथ से चिट्ठियाँ छीन लीं और वे घर के अंदर उड़ गईं। दरवाज़ा ज़ोर से भड़ाम हो गया। श्रीमती […]

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Raman-Settles-the-Quarrel--34

तेनाली रमन की बुद्धिमत्ता की कहानियाँ – 31 से 35

रमन ने राजा और पुजारी को फँसाया – 31 तेनाली रमन तीन बार मृत्युदंड से बच चुका था। ये तीनों बार बहुत संकटपूर्ण थे। उसे बचाने में केवल उसकी बुद्धिमत्ता ही काम आई थी। पर अब रमन के मन में भय घर कर गया था। उसने सोचा कि यदि राजा ने फिर कोई मृत्युदंड दिया […]

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चतुर हिरन और शिकारी - Clever Deer and the Hunter

चतुर हिरन और शिकारी – Clever Deer and the Hunter

चतुर हिरन और शिकारी घने जंगल की हलचल में एक हिरन रहता था, जिसे सब उसकी तेज़ नज़र और समझदारी के लिए जानते थे। वह हमेशा सतर्क रहता था, चारों तरफ़ की आवाज़ें सुनता था और हर छोटी हरकत पर ध्यान देता था। जंगल के कई जानवर उसकी सतर्कता की वजह से अक्सर किसी मुश्किल […]

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singhasan-battisi-story-8-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 – पुष्पवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 8 सिंहासन बत्तीसी की आठवीं गुड़िया पुष्पवती की कहानी एक अद्भुत प्रसंग है जिसमें पराक्रम, करुणा, धर्म और त्याग का संदेश छिपा हुआ है। आठवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के निकट पहुँचे तो आठवीं गुड़िया पुष्पवती प्रकट हुई। उसने राजा भोज से कहा कि उसका नाम पुष्पवती है और वह उन्हें […]

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धैर्यवान-ऊँट-और-जल्दबाज़-हिरन-–-The-Patient-Camel-and-the-Hasty-Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन – The Patient Camel and the Hasty Deer

धैर्यवान ऊँट और जल्दबाज़ हिरन  रेगिस्तान की गर्म रेत और दूर तक फैले सुनसान मैदानों के बीच एक लंबा रास्ता था जो दो छोटे क़स्बों को जोड़ता था। इस रास्ते से सुबह के वक्त कई जानवर पानी की तलाश में निकलते थे, क्योंकि दोपहर होते ही सूरज की तपिश इतनी तेज़ हो जाती कि चलना […]

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yuddhakand-ki-pavan-katha-8

युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

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ईमानदार शिष्य - The Persistent Student

ईमानदार शिष्य – The Persistent Student

ईमानदार शिष्य श्री गुरु नरसिंह सरस्वती प्रायः एक किसान शिष्य के खेत के पास से गुज़रते थे। शिष्य गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा रखता था। जब भी गुरुजी उधर से निकलते, वह श्रद्धा से सिर झुकाकर उनके चरणों में गिर पड़ता। यह दृश्य नित्य का हो गया था। एक दिन गुरुजी ने उसकी इस अटूट […]

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Raman-Fooled-the-Robbers---48

चतुराई और हास्य से सजी तेनाली रामन की कथाएँ – 46 से 50

दुल्हन ने दुल्हे को जूता फेंका – 46 एक बार राजा तेनाली रामन से निजी वार्ता में व्यस्त थे। बातचीत के बीच राजा ने रामन को एक असामान्य चुनौती दी। रामन ने कहा कि एक स्त्री एक वर्ष के भीतर उनके मुख पर चप्पल फेंकेगी। राजा ने यह चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि यदि […]

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बोलने-वाली-झील-की-परी-The-Fairy-of-the-Whispering-Lake

बोलने वाली झील की परी – The Fairy of the Whispering Lake

बोलने वाली झील की परी हरे-भरे जंगलों के बीच एक शांत और चौड़ी झील थी जिसे लोग फुसफुसाती झील कहते थे क्योंकि वहाँ की हवा और पानी किसी से भी बातें कर लेते थे। पानी इतना साफ था कि उसमें आसमान, पेड़ और इंसान की भावनाएँ तक दिख जाती थीं। रात में झील हल्की नीली […]

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