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अयोध्याकाण्ड की पावन कथा – 4

अयोध्याकाण्ड की पावन कथा और श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी श्रीराम के अनेक सद्गुण थे। वे सुन्दर स्वरूप एवं मनोहर व्यवहार वाले थे। उनकी वाणी कोमल तथा स्नेहपूर्ण थी। यदि कोई उन्हें डाँटता तो वे कभी भी उसी प्रकार उत्तर नहीं देते थे। उन्हें प्राप्त सहायता चाहे छोटी हो या बड़ी, सदैव स्मरण रहती थी। […]

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गधे का काम और कुत्ते की चुप्पी - Do Your Duty & Be Quiet

गधे का काम और कुत्ते की चुप्पी – Do Your Duty and Be Quiet

गधे का काम और कुत्ते की चुप्पी एक समय की बात है, एक धोबी रहता था। वह एक छोटे से कस्बे के लोगों के गंदे कपड़े धोया करता था। उसके पास एक गधा और एक कुत्ता था। गधे का काम था कस्बे के सभी लोगों का गंदे कपड़ों का बोझ शहर के बाहर बहती नदी […]

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तोता-और-वृद्ध-व्यापारी---Parrot-and-the-Old-Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी – Parrot and the Old Merchant

तोता और वृद्ध व्यापारी एक समय की बात है, एक छोटे से कस्बे में एक वृद्ध व्यापारी रहता था। वह मेहनती था, पर उसकी उम्र अब इतनी हो चुकी थी कि दुकान संभालना उसके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा था। उसके घर के आंगन में एक सुंदर सा तोता रहता था, जिसकी हरी चमकदार […]

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नीले-जंगल-की-रक्षक-परी-The-Guardian-Fairy-of-the-Blue-Forest

नीले जंगल की रक्षक परी – The Guardian Fairy of the Blue Forest

नीले जंगल की रक्षक परी नीले जंगल के बीचोंबीच हरियाली से भरा एक सुंदर इलाका था जहाँ ऊँचे पेड़, चमकती झीलें और हल्की नीली धुंध हमेशा रहती थी। इस पूरे जंगल की रक्षा एक दयालु परी करती थी, जिसे सब नीली रक्षक कहकर बुलाते थे। उसके पंख हल्के नीले रंग के थे और उनमें से […]

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मछुआरा-और-दैत्य-–-The-Fisherman-and-the-Giant-Tale

मछुआरा और दैत्य – The Fisherman and the Giant Tale

मछुआरा और दैत्य समुद्र किनारे बसे एक छोटे से गाँव में एक गरीब मछुआरा रहता था जिसका नाम फ़रीद था। उसकी ज़िंदगी हर दिन एक ही संघर्ष से भरी होती थी। सुबह से शाम तक वह समुद्र में जाल डालता, लेकिन बदले में सिर्फ कुछ साधारण मछलियाँ मिलतीं, जिनसे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से चलता […]

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पितृ-वचन-का-पालन---Lord-Rama’s-Word (1)

पितृ-वचन का पालन – Lord Rama’s Word

 पितृ-वचन का पालन प्रभु राम एक सुंदर युवक के रूप में बड़े हुए और अल्पायु में ही ऋषि विश्वामित्र के साथ राक्षसों खर और दूषण का वध करने चले गए, जो ऋषि की तपस्या में विघ्न डाल रहे थे। कुछ समय बाद, ऋषि राम को राजा जनक के दरबार में ले गए, जहाँ भगवान शिव […]

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वेद-धर्म-की-परीक्षा---The-Test-Conducted-By-Veda-Dharma

वेद धर्म की परीक्षा – The Test Conducted By Veda Dharma

वेद धर्म की परीक्षा गोदावरी नदी के तट पर महर्षि अंगिरा का आश्रम था, जहाँ अनेक संत तपस्या करते थे। इनमें महर्षि पैल के पुत्र, वेद धर्म ऋषि भी थे, जिनके अनेक शिष्य थे। एक बार वेद धर्म ने अपने शिष्यों की परीक्षा लेने का विचार किया। उन्होंने सभी शिष्यों को एकत्र कर कहा, “मैंने […]

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singhasan-battisi-story-29-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 29 – मानवती की कथा

इस कथा के अनुसार, उनत्तीसवें दिन जब राजा भोज शक्तिशाली और गौरवशाली सिंहासन पर बैठने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनत्तीसवीं गुड़िया मानवती ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वे तभी इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य होंगे, जब उनमें राजा विक्रमादित्य जैसे महान गुणों का समावेश हो। उन्होंने अपने परिचय के बाद राजा […]

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डरपोक-बादल-और-चमकीली-रात-The-Timid-Cloud-and-the-Shining-Night

डरपोक बादल और चमकीली रात – The Timid Cloud and the Shining Night

डरपोक बादल और चमकीली रात रात का आसमान शांत था, ठंडी हवा पेड़ों की पत्तियों को हल्के से हिला रही थी। आसमान में छोटे-छोटे तारे चमक रहे थे, लेकिन उस रात कुछ अलग होने वाला था। आसमान के एक कोने में बादल मीठू धीरे-धीरे तैर रहा था। मीठू बाकी बादलों की तरह खुशमिजाज नहीं था। […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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