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चांद-के-बच्चों-का-खोया-हुआ-खिलौना---The-Lost-Toy-of-the-Moon-Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना – The Lost Toy of the Moon Children

चांद के बच्चों का खोया हुआ खिलौना रात का आसमान बिल्कुल शांत था, और पूरा गाँव हल्की नींद में डूबा था। घरों की छतों पर चांदनी ऐसे फैली थी जैसे किसी ने सफेद रेशम बिछा दिया हो। इसी शांत रात में गाँव की छोटी बच्ची अन्वी अपनी खिड़की से आसमान देख रही थी। उसे चांद […]

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धीमी-कछुआ-और-घमंडी-खरगोश---The-Slow-Turtle-and-the-Proud-Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश – The Slow Turtle and the Proud Hare

धीमा कछुआ और घमंडी खरगोश घने पेड़ों से ढकी एक सुंदर सी घाटी थी, जहाँ कई तरह के जानवर रहते थे. वहाँ पास ही एक हरा-भरा मैदान था, जहाँ हर सुबह सूरज की किरणें हल्की गर्मी के साथ उतरती थीं और ठंडी हवा पूरे माहौल को सुखद बना देती थी. इसी मैदान में एक धीमा […]

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singhasan-battisi-story-2-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

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दो-बिल्लियाँ-और-चालाक-बंदर

दो बिल्लियाँ और चालाक बंदर

  एक समय की बात है, दो बिल्लियाँ गहरी मित्र थीं। एक दिन संयोग से उन्हें रास्ते में एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। दोनों में उसे बाँटने की बात हुई। परंतु जब उन्होंने रोटी के दो टुकड़े किए, तो एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा निकला। दोनों अपने-अपने हिस्से के लिए बड़ा टुकड़ा चाहती थीं। […]

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singhasan-battisi-story-3-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 – चंद्रकला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 सिंहासन बत्तीसी की तीसरी गुड़िया चंद्रकला की यह कहानी न्याय, पराक्रम, साहस और भाग्य के अद्भुत संगम को दर्शाती है। एक दिन सुबह-सुबह राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े ही थे कि तीसरी गुड़िया चंद्रकला अपने स्थान से निकलकर उनके सामने आ खड़ी हुई। उसने कहा कि वे […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति भाग तेरह

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति रात का गहरा अँधेरा था, हवा में ठंडक और पेड़ों की शाखाओं से आती अजीब सरसराहट मानो किसी अनहोनी का संकेत हो। राजा विक्रम अपनी तलवार कमर से बाँधे, दृढ़ कदमों से उसी पुराने मार्ग पर चल रहे थे, जहाँ उन्हें फिर से बेताल को लाना था। वे जानते […]

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Another-Spy-Killed---43

बुद्धि और विनोद से भरपूर तेनाली रामन की कहानियाँ – 41 से 45

देवदासी का प्रेम – 41 राजा कृष्णदेवराय का एक देवदासी नर्तकी कृष्णावेनी से प्रेमसंबंध था। राजा को पूर्ण विश्वास था कि वह किसी अन्य पुरुष से संबंध नहीं रखती। राजा उससे विवाह करना चाहता था। किंतु उसे जनता के विरोध का भय था क्योंकि अधिकांश लोग देवदासी कन्याओं को पसंद नहीं करते थे। हमेशा की […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य भाग दस

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य रात के सन्नाटे में चाँद बादलों में छिपता-निकलता हुआ भयावह आभा फैला रहा था। श्मशान की ओर जाती पगडंडी पर धीमे-धीमे चलते राजा विक्रमादित्य के कदमों की आहट ही सिर्फ सुनाई दे रही थी। उनके कंधों पर लटका बेताल हवा में लहराता हुआ बीच-बीच में हल्का-सा हँस […]

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सबसे अच्छे दोस्तों की सीख – The Lesson of Best Friends

सबसे अच्छे दोस्तों की सीख – The Lesson of Best Friends

सबसे अच्छे दोस्तों की सीख गाँव के एक छोटे से विद्यालय में तीन बच्चे पढ़ते थे — विवान, नील और कबीर। तीनों एक ही कक्षा में थे और पढ़ाई में आगे रहने वाले बच्चों में गिने जाते थे। लेकिन एक आदत ऐसी थी जिसने धीरे-धीरे उनकी दोस्ती को कमज़ोर कर दिया था। वे हर बात […]

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घमंड का इलाज

घमंड का इलाज

दिल्ली के पास एक समृद्ध राजा था जिसकी एक बेटी थी। वह बहुत सुंदर थी, लेकिन इतनी घमंडी और अहंकारी थी कि कोई भी राजकुमार उसके लायक नहीं था। वह हर किसी का मज़ाक उड़ाती थी। एक बार राजा ने एक भव्य दावत रखी और सभी राजकुमारों को बुलाया। वे सब एक पंक्ति में बैठे […]

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