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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति भाग तेरह

विक्रम और बेताल: बुद्धि बनाम शक्ति रात का गहरा अँधेरा था, हवा में ठंडक और पेड़ों की शाखाओं से आती अजीब सरसराहट मानो किसी अनहोनी का संकेत हो। राजा विक्रम अपनी तलवार कमर से बाँधे, दृढ़ कदमों से उसी पुराने मार्ग पर चल रहे थे, जहाँ उन्हें फिर से बेताल को लाना था। वे जानते […]

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गाय-और-दो-साँप-–-The-Cow-and-the-Two-Snakes

गाय और दो साँप – The Cow and the Two Snakes

गाय और दो साँप  हरे भरे खेतों से घिरे एक शांत गाँव के बाहर एक पुराना बरगद का पेड़ था, जिसकी छाया में एक दयालु गाय रहती थी। उसका स्वभाव शांत था और वह किसी को भी दुख नहीं देती थी। हर सुबह जब सूरज की हल्की किरणें फैलतीं, गाय अपने छोटे से घास के […]

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चिड़िया-और-आँधी-–-The-Bird-and-the-Storm

चिड़िया और आँधी – The Bird and the Storm

चिड़िया और आँधी  एक छोटा सा गाँव था जो पहाड़ियों और खेतों से घिरा हुआ था। उस गाँव के किनारे एक पुराना सा पीपल का पेड़ खड़ा था जो कई बरसों से मौसमों को आते और जाते देखता रहा था। उसी पेड़ की एक ऊँची टहनी पर एक नन्ही चिड़िया रहती थी। वह कोई खास […]

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चालाक कौआ और लोमड़ी | (The Clever Crow and the Fox)

चालाक कौआ और लोमड़ी | (The Clever Crow and the Fox)

चालाक कौआ और लोमड़ी गर्मियों का मौसम था। सूरज आसमान में आग उगल रहा था। पेड़ों की छाँव में भी गर्म हवा चल रही थी। जंगल में हर तरफ सन्नाटा था। छोटे-बड़े जानवर सब अपने बिलों और घरों में दुबके हुए थे। ऐसे में एक कौआ आसमान में उड़ता हुआ बहुत प्यासा हो गया। उसकी […]

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singhasan-battisi-story-18-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

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मछुआरा-और-दैत्य-–-The-Fisherman-and-the-Giant-Tale

मछुआरा और दैत्य – The Fisherman and the Giant Tale

मछुआरा और दैत्य समुद्र किनारे बसे एक छोटे से गाँव में एक गरीब मछुआरा रहता था जिसका नाम फ़रीद था। उसकी ज़िंदगी हर दिन एक ही संघर्ष से भरी होती थी। सुबह से शाम तक वह समुद्र में जाल डालता, लेकिन बदले में सिर्फ कुछ साधारण मछलियाँ मिलतीं, जिनसे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से चलता […]

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श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ – The Curse on Dasaratha

श्रवण कुमार का श्राप और दशरथ महान राजा दशरथ, जो श्री राम के पिता थे, एक बार शिकार पर गए। यह घटना श्री राम के जन्म से पहले की है। दशरथ ‘शब्दभेदी बाण’ चलाने में निपुण थे, यानी वह केवल ध्वनि सुनकर ही, बिना प्राणी को देखे, उस दिशा में बाण चला सकते थे और […]

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चुप्पी-की-रानी-_-The-Queen-of-Silence

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी | The Queen of Silence and the Noisy Giant’s Unusual Tale

खामोशी की रानी और शोर करने वाले दानव की अनोखी कहानी बहुत पहले की बात है, एक ऐसा पहाड़ी राज्य था जहाँ रात होते ही एक अद्भुत जादू होता था। यह जादू था शांति का! जैसे ही सूरज डूबता, पूरा राज्य मुलायम चाँदनी की चादर में सो जाता। इस राज्य की रानी का नाम था […]

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सामान्यता-की-वापसी---Normalcy-Restored

सामान्यता की वापसी – Normalcy Restored

सामान्यता की वापसी एक समय की बात है, भगवान शिव गहन ध्यान में बैठे थे। अपनी समाधि के दौरान वे एक साथ कई लोकों का सृजन और संहार कर रहे थे, ताकि मानव मन ईश्वर की खोज करे और उनके प्रति समर्पण की भावना सीखे। परंतु उनकी पत्नी माता पार्वती इस ध्यान के महत्व को […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 15 – सुंदरवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 राजा भोज जब पंद्रहवें दिन पुनः सिंहासन के समीप पहुँचे, तभी पंद्रहवीं गुड़िया सुंदरवती प्रकट हुई और बोली कि हे राजन, मैं सुंदरवती हूँ। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने से पहले आपको राजा विक्रमादित्य की उदारता की यह कथा सुननी होगी, और फिर स्वयं विचार करना कि आप इस […]

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