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चालाक-नेवला-और-धूर्त-बिल्ली-(Clever-Mongoose-and-the-Cunning-Cat)

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली – Clever Mongoose and the Cunning Cat

चालाक नेवला और धूर्त बिल्ली  गाँव के किनारे बने एक छोटे से घर में एक दादी रहती थी, जो हर सुबह आँगन में ताज़ी रोटियाँ सेंकती थी. घर के आसपास पेड़ों की छाया थी, और दादी की रोटियों की खुशबू दूर तक फैल जाती थी. उसी घर के पास एक चालाक नेवला रहता था, जिसे […]

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शेर को हराने वाले हाथी की जीत

एक बार की बात है, एक अकेला हाथी एक अजनबी जंगल में आया। वह जंगल उसके लिए नया था और वह मित्र बनाना चाहता था। उसने एक बंदर के पास जाकर कहा, “नमस्ते बंदर! क्या तुम मेरे मित्र बनोगे?” बंदर बोला, “तुम मेरी तरह पेड़ों पर झूलने के लिए बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा […]

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चाँदी-की-मछली-और-अँधेरा-समुद्र-Silver-Fish-and-the-Dark-Sea

चाँदी की मछली और अँधेरा समुद्र – Silver Fish and the Dark Sea

चाँदी की मछली और अँधेरा समुद्र समुद्र की गहराइयों में एक ऐसी मछली रहती थी जिसकी चमक देखकर पूरा समुद्र उजाला हो जाता था। उसका नाम चाँदी था क्योंकि उसका पूरा शरीर रात में हल्की चाँदी जैसी चमक देता था। जब भी समुद्र का पानी शांत होता और चाँद ऊपर से रोशनी भेजता, तब पानी […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 22 – अनुरोधवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 22 जब राजा भोज सिंहासन पर बैठने हेतु अग्रसर हुए, तो बाईसवीं गुड़िया उनके सामने आई और विनम्र स्वर में बोली कि वह उन्हें राजा विक्रमादित्य के एक विशिष्ट गुण का प्रसंग सुनाएगी। उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि उसका नाम अनुरोधवती है और वह जानना चाहती है कि क्या राजा […]

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अहंकारी-पंडितों-की-शिक्षा---Humbling-Vedic-Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा – Humbling Vedic Pandits

अहंकारी पंडितों की शिक्षा एक समय की बात है, दो अहंकारी ब्राह्मण थे। वे स्वयं को वेदों का सर्वश्रेष्ठ ज्ञाता मानते थे और लोगों को शास्त्रार्थ के लिए ललकारा करते थे। उनकी एक विचित्र शर्त थी: जो भी हारे, उसे यह लिखित रूप में प्रमाणपत्र देना होगा कि वह वेदों के ज्ञान में इन दोनों […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: सच्चा पुरस्कार भाग आठ

विक्रम और बेताल: सच्चा पुरस्कार एक अँधेरी और बरसाती रात थी। चारों ओर अजीब-अजीब आवाज़ें गूँज रही थीं और सियारों की कराहती हुई ध्वनि माहौल को और भयावह बना रही थी। वातावरण कितना भी भयावह क्यों न हो, राजा विक्रमादित्य तनिक भी नहीं डरे। वे पेड़ पर चढ़कर शव को उतार लाए और उसे कंधे […]

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तेनाली रमन की हास्यपूर्ण और बुद्धिमान कथाएँ – 36 से 40

हारा हुआ सैनिक – 36 एक बार राजा, एक सैनिक और रमन विजयनगरम के एक दूरदराज के इलाके में गए, जहाँ निम्न जाति के लोग रहते थे। गाँव वाले एक असभ्य जीवन शैली का पालन करते थे। वे मरे हुए जानवरों और पक्षियों का मांस खाते थे। लेकिन वे जानवरों और पक्षियों को मारकर नहीं […]

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सफ़ेद-पक्षियों-का-रहस्य-–-The-White-Birds-Mystery

सफ़ेद पक्षियों का रहस्य – The White Birds Mystery

सफ़ेद पक्षियों का रहस्य  प्राचीन समय की बात है, एक शांत राज्य में एक राजा अपनी दूसरी पत्नी और ग्यारह बच्चों के साथ रहता था। राजा की पहली रानी का देहांत हो चुका था, और उनकी एकमात्र बेटी एलिसा अपने दस बड़े भाइयों के साथ सुख से रहती थी। परन्तु जब राजा ने नई रानी […]

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uttarakand-ki-pavan-katha-9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा – 9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा और सीतात्याग, लवणवध व श्रीराम की अंतर्धान लीला एक दिन जब श्रीराम अपने राज्य का शासन कर रहे थे, तब अनेक महान ऋषियों का एक दल महर्षि अगस्त्य के नेतृत्व में उनसे मिलने के लिए उपस्थित हुआ। अगस्त्य ने प्रासाद के रक्षकों से कहा, “कृपया राम को सूचित करें कि हम ऋषि […]

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Raman-Settles-the-Quarrel--34

तेनाली रमन की बुद्धिमत्ता की कहानियाँ – 31 से 35

रमन ने राजा और पुजारी को फँसाया – 31 तेनाली रमन तीन बार मृत्युदंड से बच चुका था। ये तीनों बार बहुत संकटपूर्ण थे। उसे बचाने में केवल उसकी बुद्धिमत्ता ही काम आई थी। पर अब रमन के मन में भय घर कर गया था। उसने सोचा कि यदि राजा ने फिर कोई मृत्युदंड दिया […]

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