हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

The Mystery of the Starlit Path

तारों वाली पगडंडी का रहस्य – The Mystery of the Starlit Path

तारों वाली पगडंडी का रहस्य रात काफी शांत थी, हवा बिल्कुल हल्की थी और आसमान में तारे ऐसे चमक रहे थे जैसे छोटी-छोटी लाइटें एक बड़े काले पर्दे पर टंगी हों। आरव आमतौर पर इतनी देर तक जागा नहीं रहता था, लेकिन आज उसकी नींद खुली तो उसे लगा जैसे खिड़की के बाहर कोई अजीब […]

Continue Reading
The-Vanishing-Shadow

छाया ने दिया रहस्यमय संदेश | The Shadow Gave a Mysterious Message

जो देखता था सबको पर खुद को नहीं देख पाया पूरे इलाके में वह अपने पैनी नजर के लिए मशहूर था। उसकी आँखें दूसरों की छोटी-से-छोटी गलती पकड़ लेती थीं। अखबार में छपा टाइपो, सड़क पर गिरा कागज, बाजार में दुकानदार की गिनती में चूक—कुछ भी उसकी नजर से बच नहीं पाता। लेकिन उसकी यह […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य भाग दस

विक्रम और बेताल: कर्म और परिणाम का सत्य रात के सन्नाटे में चाँद बादलों में छिपता-निकलता हुआ भयावह आभा फैला रहा था। श्मशान की ओर जाती पगडंडी पर धीमे-धीमे चलते राजा विक्रमादित्य के कदमों की आहट ही सिर्फ सुनाई दे रही थी। उनके कंधों पर लटका बेताल हवा में लहराता हुआ बीच-बीच में हल्का-सा हँस […]

Continue Reading
आसमान छूने की चाहत

आसमान छूने की चाहत

हवा का तेज़ झोंका आया। पोस्टमैन मुश्किल से शर्मा जी के घर के दरवाज़े तक पहुँचा। जब दरवाज़ा खुला, तो श्रीमती शर्मा ने “नमस्ते भैया” कहा, लेकिन “धन्यवाद” कहने से पहले ही हवा ने पोस्टमैन के हाथ से चिट्ठियाँ छीन लीं और वे घर के अंदर उड़ गईं। दरवाज़ा ज़ोर से भड़ाम हो गया। श्रीमती […]

Continue Reading
Saint-Tyagaraja---संत-त्यागराज

संत त्यागराज – Saint Tyagaraja

संत त्यागराज की कथा संत त्यागराज का जन्म 4 मई 1767 को तमिलनाडु के तंजावुर के समीप तिरुवैय्यारु में एक सरल और धर्मनिष्ठ तेलुगु स्मार्त ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनका कुल प्राचीन समय में आंध्र प्रदेश से तमिलनाडु आकर बस गया था। उनके पिता राम ब्रह्मम और माता सीतम्मा अत्यन्त श्रद्धालु थे, और घर में […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-18-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

Continue Reading
जादुई-टेबल-गधा-और-लाठी-–-The-Magical-Table-Donkey-and-Stick (1)

जादुई टेबल, गधा और लाठी – The Magical Table, Donkey and Stick

जादुई टेबल, गधा और लाठी यह कहानी तीन भाइयों की है। बहुत समय पहले उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव सनपुरा में तीन भाई रहते थे—हरिदास, मोहनदास और सबसे छोटा गोपीनाथ। तीनों स्वभाव से भले, मेहनती और एक-दूसरे से गहरा प्रेम करने वाले थे। बचपन से ही उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझता रहा […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-14-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 – सुनैना की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 14 चौदहवें दिन जब राजा भोज दोबारा सिंहासन के पास पहुँचे, तभी चौदहवीं पुतली सुनैना प्रकट हुई और बोली कि पहले विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और साहस की कथा सुननी होगी, तभी निर्णय लिया जा सकेगा कि भोज सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। इतना कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने कहा […]

Continue Reading
समय-की-परी-Time-Fairy

समय की परी – Time Fairy

समय की परी एक शांत दोपहर थी। स्कूल से लौटकर शिवम अपनी मेज पर टिके हुए घड़ी की टिक-टिक देख रहा था। उसे लगता था कि समय कभी तेजी से दौड़ता है, कभी बहुत धीरे सरकता है। रविवार को खेलते समय समय पंख लगाकर उड़ जाता था, लेकिन जैसे ही सोमवार आता, वही समय उसे […]

Continue Reading
15 सर्वश्रेष्ठ पंचतंत्र की नैतिक कहानियाँ हिंदी में

पंचतंत्र की 15 श्रेष्ठ नैतिक कहानियाँ हिंदी में – बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कथाएँ

1. मूर्ख साधु एक गाँव में देव शर्मा नाम का एक बहुत ही प्रतिष्ठित और ज्ञानी साधु रहता था। सारा गाँव उसका बहुत आदर करता था। लोग अपनी मन्नतें पूरी होने पर या धर्म के नाम पर उसे तरह-तरह के कीमती उपहार दिया करते थे। साधु इन उपहारों को बेचकर बहुत सारा धन एकत्र कर […]

Continue Reading