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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम भाग चौदह

विक्रम और बेताल: अंधविश्वास का भ्रम  रात गहरी हो चुकी थी। आसमान बादलों से ढका था और हवा में ठंडक ऐसी थी कि जंगल की पत्तियाँ एक दूसरे से टकरा कर अजीब सी फुसफुसाहट पैदा कर रही थीं। उज्जैन के राजा विक्रमादित्य अपने वचन को निभाने के लिए श्मशान की ओर बढ़ते पड़ते थे और […]

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बच्चों के लिए हिंदी कहानियाँ

भूतों की 5 मनमोहक कहानियाँ | बच्चों के लिए हिंदी कहानियाँ

1. गोलू और पेड़ का दोस्त (Golu aur Ped ka Dost) गोलू अपने घर के आँगन में बड़े से आम के पेड़ के नीचे बैठकर किताब पढ़ना बहुत पसंद करता था। उसे लगता था मानो पेड़ उसका साथी हो। एक दिन, जब वह किताब पढ़ रहा था, तभी हवा का एक झोंका आया और एक […]

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लोमड़ी-और-तीन-बकरियाँ---The-Fox-and-the-Three-Goats

लोमड़ी और तीन बकरियाँ – The Fox and the Three Goats

लोमड़ी और तीन बकरियाँ घने जंगल के पास एक खुला मैदान था जहाँ हर दिन तीन बकरियाँ घास खाने आया करती थीं। उनका नाम रुही, गुड़िया और बुलबुल था। तीनों अलग-अलग स्वभाव की थीं, लेकिन उनका इलाका एक ही था। वे आपस में बातें जरूर करती थीं, पर ज्यादातर समय अपनी-अपनी जगह घास खाती रहती […]

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लोमड़ी-और-अंगूर-की-बेल-–-The-Fox-and-the-Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल – The Fox and the Grapevine

लोमड़ी और अंगूर की बेल  घने जंगल के बीचोंबीच एक शांत खुली जगह थी, जहाँ सूरज की रोशनी इतनी सुंदर तरीके से गिरती थी कि वह जगह हमेशा गर्म और सुखद महसूस होती थी। वहाँ एक पुरानी लकड़ी की बाड़ के सहारे एक लंबी अंगूर की बेल फैली हुई थी। बेल इतनी ऊपर चढ़ चुकी […]

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singhasan-battisi-story-17-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 17 – विद्यावती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 17 – विद्यावती की कथा अगली सुबह राजा भोज फिर से उस दिव्य सिंहासन के समीप पहुँचे और वे उस पर बैठने ही वाले थे कि सत्रहवीं पुतली विद्यावती प्रकट हुई। उसने राजा भोज को रोका और कहा कि वह उन्हें एक ऐसी कथा सुनाना चाहती है जिससे स्पष्ट हो सके कि […]

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the-needle-tree-hindi

सुई वाला पेड़

एक जंगल के पास दो भाई रहते थे। बड़ा भाई छोटे के प्रति बहुत निर्दयी था। वह सारा खाना स्वयं खा जाता और छोटे के नए कपड़े भी पहन लेता। एक दिन बड़े भाई ने जंगल से लकड़ियाँ काटकर बेचने का विचार किया। पेड़ काटते-काटते वह एक जादुई पेड़ के पास पहुँचा। पेड़ बोला, “हे […]

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काँच-का-जंगल-_-The-Glass-Forest

काँच का जंगल | The Glass Forest

काँच का जंगल एक शांत गाँव की सीमा से थोड़ी दूर एक रहस्यमय जंगल था जिसे लोग काँच का जंगल कहते थे। कोई भी वहाँ आसानी से नहीं जाता था क्योंकि कहा जाता था कि उस जंगल में हर पेड़, हर पत्ता, हर फूल, यहाँ तक कि मिट्टी भी चमचमाते काँच की बनी हुई थी। […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत भाग सत्रह

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था, और पेड़ों की सूखी शाखाएँ हवा में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर गूंजती फुसफुसाहटें और हवा में उड़ते पत्तों की सरसराहट वातावरण को और भी भयानक बना रही थी। […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 9 – मधुमालती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 9 अगले दिन जब राजा भोज फिर से उस अद्भुत सिंहासन के समीप पहुँचे तो नौवीं पुतली उनके सामने एक सुंदर स्त्री के रूप में प्रकट हुई। उसने मधुर किंतु दृढ़ स्वर में कहा कि उसका नाम मधुमालती है। उसने स्पष्ट किया कि इस सिंहासन पर बैठने के लिए राजा को वही […]

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singhasan-battisi-story-2-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

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