हिंदी कहानियाँ

लेटेस्ट कहानियाँ

और पढ़ें

Bharavi,-the-Humbled-Poet---भरवि,-दंभहीन-कवि

भरवि, दंभहीन कवि – Bharavi, the Humbled Poet

भरवि, दंभहीन कवि एक बार की बात है, एक महान कवि भरवि रहते थे। वे अत्यंत विद्वान, वेद-पुराणों के ज्ञाता और काव्य में निपुण थे। उनकी प्रशंसा राजा करते, सहचर विद्वान करते, माता करतीं और पत्नी भी करती थीं। किंतु, उनके स्वयं के पिता ने उन्हें कभी एक बार भी प्रशंसा के दो शब्द नहीं […]

Continue Reading
अकबर और बीरबल

अकबर-बीरबल की अनोखी कहानियाँ: चतुराई और हास्य का अनूठा संगम

परिचय मुग़ल सम्राट अकबर, जो तीसरे मुग़ल बादशाह थे, के दरबार में कई प्रतिभाशाली और चतुर लोग थे। उनमें से एक थे राजा बीरबल, जो अपनी तेज बुद्धि के कारण सम्राट के विशेष प्रिय थे। राजा बीरबल कविताएँ लिखते थे, और अकबर ने उन्हें “कवि राज” की उपाधि दी थी। अकबर को बीरबल को अपने […]

Continue Reading
yuddhakand-ki-pavan-katha-8

युद्धकाण्ड की पावन कथा – 8

युद्धकाण्ड की पावन कथा और राम की युद्ध घोषणा राम हनुमान की ओर मुड़े और बोले, “हे वायुपुत्र हनुमान, तुम सचमुच महान हो। तुमने एक महान कार्य पूर्ण किया है जो किसी के द्वारा भी संपन्न नहीं किया जा सकता। तुमने विस्तृत समुद्र को पार किया। केवल गरुड़ और वायु ही समुद्र को पार कर […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ भाग ग्यारह

विक्रम और बेताल: धैर्य का सबसे बड़ा पाठ  रात हमेशा की तरह शांत नहीं थी, बल्कि भय और रहस्य से भरी हवा श्मशान भूमि में घूम रही थी। राजा विक्रम अपने कंधे पर बेताल को उठाए पुराने पीपल के पेड़ से वापस तांत्रिक की ओर बढ़ रहे थे। चिता की बुझती राख हवा में उड़ […]

Continue Reading
The Mystery of the Starlit Path

तारों वाली पगडंडी का रहस्य – The Mystery of the Starlit Path

तारों वाली पगडंडी का रहस्य रात काफी शांत थी, हवा बिल्कुल हल्की थी और आसमान में तारे ऐसे चमक रहे थे जैसे छोटी-छोटी लाइटें एक बड़े काले पर्दे पर टंगी हों। आरव आमतौर पर इतनी देर तक जागा नहीं रहता था, लेकिन आज उसकी नींद खुली तो उसे लगा जैसे खिड़की के बाहर कोई अजीब […]

Continue Reading
विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत भाग बाईस

विक्रम और बेताल: वचन की ताकत घना जंगल अंधेरे में डूबा हुआ था। पेड़ों की परछाइयाँ हिलती हुई प्रतीत होती थीं और हवा में एक अनजाना भय तैर रहा था। राजा विक्रम अपने मजबूत कदमों के साथ श्मशान की ओर बढ़ रहे थे, जहाँ बेताल फिर से उसी पेड़ से उलटा लटका हुआ था। जैसे […]

Continue Reading
जादुई-मोरपंख-–-The-Magical-Peacock-Feather

जादुई मोरपंख – The Magical Peacock Feather

जादुई मोरपंख एक छोटे से कस्बे में ईशान नाम का एक खुशमिजाज बच्चा रहता था जो हमेशा कुछ नया सीखने और समझने की कोशिश करता था। उसे प्रकृति से बहुत लगाव था और वह अक्सर पास के जंगल में घूमने जाता था, जहाँ उसे पक्षियों की आवाजें, ताज़ी हवा की महक और सूरज की हल्की […]

Continue Reading
जंगल-का-नींद-वाला-पेड़-The-Sleepy-Tree-of-the-Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ – The Sleepy Tree of the Forest

जंगल का नींद वाला पेड़ घने और शांत जंगल के बीचोंबीच एक छोटा सा खरगोश रहता था जिसका नाम टुनटुन था। टुनटुन बाकी खरगोशों से थोड़ा अलग था। उसके कान लंबे थे, पर उससे भी लंबी उसकी जिज्ञासा थी। वह हर दिन कुछ नया ढूंढने निकल पड़ता था। एक सुबह वह पेड़ों के पीछे छुपकर […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-20-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 20 – ज्ञानवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 20 बीसवें दिन जब राजा भोज पुनः सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, तभी बीसवीं गुड़िया ज्ञानवती उनके मार्ग में आ गई। उसने अपना परिचय दिया और राजा से कहा कि पहले वह राजा विक्रमादित्य की एक कथा सुने, फिर स्वयं निर्णय करे कि वह इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य […]

Continue Reading
singhasan-battisi-story-18-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

Continue Reading