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भेड़िया-और-सच्चा-कुत्ता-–-The-Wolf-and-the-Loyal-Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता – The Wolf and the Loyal Dog

भेड़िया और वफादार कुत्ता एक बड़ा सा गाँव था, जहाँ चारों तरफ हरियाली फैलती थी और दूर तक गेहूँ के खेत चमकते थे। गाँव के लोग मेहनती थे और रात को खेतों की रखवाली करना सबसे कठिन कामों में गिना जाता था। कई बार जंगली जानवर खेत में घुसने की कोशिश करते, इसलिए गाँव वाले […]

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कछुआ-और-दो-लोभी-मछलियाँ---The-Turtle-and-the-Two-Greedy-Fish

कछुआ और दो लोभी मछलियाँ – The Turtle and the Two Greedy Fish

कछुआ और दो लोभी मछलियाँ एक शांत तालाब में एक बूढ़ा कछुआ रहता था। तालाब बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें इतने पेड़ पौधे और ठंडी मिट्टी थी कि हर दिन नया और ताज़ा लगता था। उसी तालाब में दो मछलियाँ भी रहती थीं। दोनों तेज, चमकीली और हमेशा घूमने भागने वाली थीं। पर उनकी […]

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चाँदी-की-परी-और-खोया-हुआ-तारा---Silver-Fairy-and-the-Lost-Star

चाँदी की परी और खोया हुआ तारा – Silver Fairy and the Lost Star

चाँदी की परी और खोया हुआ तारा एक शांत रात थी और आसमान में हल्की चमक फैली हुई थी। बादलों के पीछे छिपे हुए छोटे छोटे तारे जैसे किसी पुकार का इंतजार कर रहे थे। इन्हीं तारों के बीच चाँदी की परी रहती थी। वह हर रात आसमान में उड़ती थी और अपनी छोटी सी […]

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परियों-की-रसोई-Fairy-Kitchen

परियों की रसोई – Fairy Kitchen

परियों की रसोई जंगल के उस कोने में एक पुरानी लकड़ी की झोपड़ी थी जिसे हर कोई सिर्फ एक साधारण घर समझता था, लेकिन असल में वह झोपड़ी एक जादुई रसोई थी जिसे परियाँ चलाती थीं और इस रसोई का एक नियम था कि यहाँ से खाना सिर्फ उन्हें मिलता था जो किसी की मदद […]

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श्रेष्ठ-कौन---The-Greater-God

श्रेष्ठ कौन?- The Greater God

श्रेष्ठ कौन? एक समय की बात है, ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच इस बात पर विवाद छिड़ गया कि उन दोनों में श्रेष्ठ कौन है। इस बहस ने इतना तीव्र रूप धारण किया कि वहाँ अचानक एक विशाल और अंतहीन शिवलिंग प्रकट हो गया। दोनों ने निश्चय किया कि जो भी इस शिवलिंग का […]

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Saktuprasta-and-Squirrel-Heaven-Story---सक्तुप्रस्त-और-स्वर्ण-धूसर-गिलहरी-की-कथा

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी – Saktuprasta and Squirrel of Heaven

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी एक समय की बात है, एक गिलहरी थी जिसके शरीर का दाहिना भाग स्वर्णिम था और बायाँ भाग धूसर वर्ण का था। जहाँ कहीं भी कोई यज्ञ होता, वह गिलहरी वहाँ जाकर भूमि और जल में लोटने लगती। एक दिन पाण्डवों में ज्येष्ठ, युधिष्ठिर अर्थात धर्मराज, एक महान यज्ञ का अनुष्ठान […]

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चतुर-गौरैया-और-लालची-कौआ---Clever-Sparrow-and-the-Greedy-Crow (1)

चतुर गौरैया और लालची कौआ – Clever Sparrow and the Greedy Crow

चतुर गौरैया और लालची कौआ हरे पेड़ों और शांत हवा वाले एक छोटे से गाँव के पास एक लंबा-सा बरगद का पेड़ खड़ा था। उसी पेड़ पर रहती थी चतुर गौरैया चिनी, जो मेहनती, शांत स्वभाव वाली और हमेशा दूसरों की मदद करने वाली थी। पेड़ की सबसे ऊपरी डाल पर रहता था कौआ काला, […]

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शेर को हराने वाले हाथी की जीत

एक बार की बात है, एक अकेला हाथी एक अजनबी जंगल में आया। वह जंगल उसके लिए नया था और वह मित्र बनाना चाहता था। उसने एक बंदर के पास जाकर कहा, “नमस्ते बंदर! क्या तुम मेरे मित्र बनोगे?” बंदर बोला, “तुम मेरी तरह पेड़ों पर झूलने के लिए बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत भाग सत्रह

विक्रम और बेताल: झूठी शान का अंत रात का अंधेरा गहरा था। श्मशान भूमि पर हल्की धुंध का घेरा फैला हुआ था, और पेड़ों की सूखी शाखाएँ हवा में टकराकर डरावनी ध्वनि पैदा कर रही थीं। चारों ओर गूंजती फुसफुसाहटें और हवा में उड़ते पत्तों की सरसराहट वातावरण को और भी भयानक बना रही थी। […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 21 – चंद्रज्योति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 21 अगली सुबह जब राजा भोज पुनः उस दिव्य सिंहासन पर बैठने का प्रयत्न करने लगे, तो उसी क्षण उनके सामने इक्कीसवीं पुतली चंद्रज्योति प्रकट हुई। वह चमकती हुई रौशनी की तरह उनके सम्मुख अवतरित हुई और मनोहर स्वर में बोली कि वह विक्रमादित्य के पवित्र और शक्तिमान सिंहासन की इक्कीसवीं पुतली […]

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