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दो-बिल्लियाँ-और-चालाक-बंदर

दो बिल्लियाँ और चालाक बंदर

  एक समय की बात है, दो बिल्लियाँ गहरी मित्र थीं। एक दिन संयोग से उन्हें रास्ते में एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। दोनों में उसे बाँटने की बात हुई। परंतु जब उन्होंने रोटी के दो टुकड़े किए, तो एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा निकला। दोनों अपने-अपने हिस्से के लिए बड़ा टुकड़ा चाहती थीं। […]

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रात-का-नीला-घोड़ा---The-Blue-Horse-of-Night

रात का नीला घोड़ा – The Blue Horse of Night

रात का नीला घोड़ा रात का समय था और पूरा जंगल हल्की नीली रोशनी से भरा हुआ था क्योंकि परी नीलिमा अपनी रात की तैयारी कर रही थी। नीलिमा एक छोटी लेकिन बहादुर, दयालु और बेहद प्यारी परी थी, जो हर रात आसमान में उड़कर तारों की देखभाल करती थी। उसका सबसे खास साथी था […]

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नन्ही-तितली-परी---Tiny-Butterfly-Fairy

नन्ही तितली परी – Tiny Butterfly Fairy

नन्ही तितली परी नीले पहाड़ों के पीछे एक शांत और रंगों से भरी घाटी थी, जिसे लोग रूपनगर कहते थे। यहाँ हर सुबह सूरज की किरणें ऐसे गिरती थीं जैसे सोने की हल्की बारिश हो रही हो। इस घाटी में फूल सिर्फ फूल नहीं थे, वे हवा के साथ गुनगुनाते थे। पत्तों में हल्की चमक […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 25 – जयलक्ष्मी की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 25 पचीसवीं गुड़िया जयलक्ष्मी ने राजा भोज को रोकते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वभाव और उसकी सोच एक-दूसरे से भिन्न होती है। जब तक कोई व्यक्ति यह न समझे कि संसार में अलग-अलग प्रकृतियाँ और विचार वाले लोग रहते हैं, तब तक वह उस सिंहासन पर बैठने योग्य नहीं […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड भाग नौ

विक्रम और बेताल: द्वारपाल का दण्ड रात बहुत अंधेरी थी और तेज़ बारिश लगातार हो रही थी। घने बादलों की गड़गड़ाहट, सियारों की करुण चीखें और हवा की तीखी सनसनाहट वातावरण को और भी भयावह बना रही थीं। लेकिन राजा विक्रमादित्य इन सबके बीच निर्भय होकर प्राचीन वृक्ष पर चढ़े, शव को उतारा और कंधे […]

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विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा भाग तीन

विक्रम और बेताल: तीन वर और मंदारवती की पुनर्जन्म कथा बहुत समय पहले एक प्रतिष्ठित और विद्वान पुरोहित के घर एक कन्या ने जन्म लिया जिसका नाम मंदारवती रखा गया। वह जन्म से ही अत्यंत सुंदर, सुसंस्कृत और सभी के हृदय को मोह लेने वाली थी। जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसकी सुंदरता और विनम्रता […]

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दो-दोस्तों-और-सच-बोलने-की-ताकत---Two-Friends-and-the-Power-of-Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत – Two Friends and the Power of Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत एक शांत और खूबसूरत गाँव था जिसका नाम था कमलपुर। इस गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था और सभी मिलजुल कर रहते थे। इसी गाँव में दो सबसे अच्छे दोस्त रहते थे। पहला था आरव, जो सीधा-सादा, ईमानदार और हमेशा सच बोलने वाला बच्चा था। दूसरा […]

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चतुर-गौरैया-और-लालची-कौआ---Clever-Sparrow-and-the-Greedy-Crow (1)

चतुर गौरैया और लालची कौआ – Clever Sparrow and the Greedy Crow

चतुर गौरैया और लालची कौआ हरे पेड़ों और शांत हवा वाले एक छोटे से गाँव के पास एक लंबा-सा बरगद का पेड़ खड़ा था। उसी पेड़ पर रहती थी चतुर गौरैया चिनी, जो मेहनती, शांत स्वभाव वाली और हमेशा दूसरों की मदद करने वाली थी। पेड़ की सबसे ऊपरी डाल पर रहता था कौआ काला, […]

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शेर को हराने वाले हाथी की जीत

एक बार की बात है, एक अकेला हाथी एक अजनबी जंगल में आया। वह जंगल उसके लिए नया था और वह मित्र बनाना चाहता था। उसने एक बंदर के पास जाकर कहा, “नमस्ते बंदर! क्या तुम मेरे मित्र बनोगे?” बंदर बोला, “तुम मेरी तरह पेड़ों पर झूलने के लिए बहुत बड़े हो, इसलिए मैं तुम्हारा […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 18 – तारामति की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 18 अगली सुबह राजा भोज फिर से सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े, परंतु जैसे ही वह पवित्र आसन के निकट पहुँचे, अठारहवीं गुड़िया तारामती उनके सामने प्रकट हो गई। उसने गंभीर स्वर में कहा कि यह सिंहासन अत्यंत पवित्र है और इस पर वही बैठ सकता है जिसने अपने जीवन […]

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