सिंहासन बत्तीसी कथा 24 – करुणावती की कथा
सिंहासन बत्तीसी कथा 24 चौबीसवें दिन जब राजा भोज सिंहासन के समीप पहुँचे तो चौबीसवीं पुतली करुणावती प्रकट हुई और बोली कि वे पहले राजा विक्रमादित्य की कथा सुनें और फिर निर्णय लें कि वे इस अद्भुत सिंहासन पर बैठने योग्य हैं या नहीं। यह कहकर वह कथा सुनाने लगी। उसने बताया कि विक्रमादित्य अपनी […]
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