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भेड़िया-और-मेमने-का-बहाना---Wolf-and-the-Lamb’s-Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना – Wolf and the Lamb’s Excuse

भेड़िया और मेमने का बहाना एक शांत पहाड़ी इलाके में एक साफ बहती छोटी नदी थी जिसके किनारे हर सुबह नरम धूप चमकती थी और घास पर ओस मोती जैसी टिमटिमाती थी। उसी नदी के पास एक चरवाहे का टोल चलता था लेकिन कभी-कभी कुछ मेमने अकेले चरने चले जाते थे क्योंकि वहाँ का वातावरण […]

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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य भाग पाँच

विक्रम और बेताल: एक अधूरी प्रतिज्ञा और प्राणों की बाज़ी पर टिका सत्य रात अत्यंत भयावह थी। कभी हल्की, कभी तेज़ वर्षा रुक-रुक कर हो रही थी। तेज़ हवाएँ पेड़ों को झकझोर रही थीं। वातावरण में अजीब सी घुटन और अनजान आवाज़ें गूंज रही थीं। बिजली की चमक के साथ आसपास की परछाइयाँ विकराल चेहरों […]

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दानवीर कर्ण का त्याग - Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग – Karna’s Benevolence

दानवीर कर्ण का त्याग बारिश की झड़ी लगी हुई थी। मूसलाधार वर्षा ने सब कुछ भिगो दिया था। उसी बीच एक ब्राह्मण यज्ञ की सामग्री जुटाने के लिए निकला था। उसे यज्ञ के लिए सूखी लकड़ियों की आवश्यकता थी, किंतु वर्षा के कारण बाहर का समस्त काष्ठ भीगा हुआ था। निराश ब्राह्मण सबसे पहले हस्तिनापुर […]

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राजा-योगी-की-परीक्षा---King-Janaka

राजा योगी की परीक्षा – King Janaka

राजा योगी की परीक्षा राजा जनक दूर-दूर तक एक “राजा योगी” के रूप में विख्यात थे। इसका अर्थ था कि वे एक साथ ही एक सम्राट और एक संत थे। उनके पास भौतिक सम्पदा का अकूत भंडार था, किंतु वे स्वयं को उनका स्वामी नहीं मानते थे और न ही उनकी उपस्थिति इन साधनों पर […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 6 – रविभामा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 6 छठे दिन, राजा भोज ने सच में सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने का निर्णय लिया। जैसे ही वे सिंहासन की ओर बढ़े, छठी गुड़िया जाग उठी और बोली, “मेरा नाम रविभामा है। मैंने राजा विक्रमादित्य की धैर्य और दयालुता देखी है। मैं आपको राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाऊंगी। उसके […]

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दो-दोस्तों-और-सच-बोलने-की-ताकत---Two-Friends-and-the-Power-of-Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत – Two Friends and the Power of Truth

दो दोस्त और सच बोलने की ताकत एक शांत और खूबसूरत गाँव था जिसका नाम था कमलपुर। इस गाँव में हर कोई एक-दूसरे को जानता था और सभी मिलजुल कर रहते थे। इसी गाँव में दो सबसे अच्छे दोस्त रहते थे। पहला था आरव, जो सीधा-सादा, ईमानदार और हमेशा सच बोलने वाला बच्चा था। दूसरा […]

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उत्तरकाण्ड की पावन कथा – 9

उत्तरकाण्ड की पावन कथा और सीतात्याग, लवणवध व श्रीराम की अंतर्धान लीला एक दिन जब श्रीराम अपने राज्य का शासन कर रहे थे, तब अनेक महान ऋषियों का एक दल महर्षि अगस्त्य के नेतृत्व में उनसे मिलने के लिए उपस्थित हुआ। अगस्त्य ने प्रासाद के रक्षकों से कहा, “कृपया राम को सूचित करें कि हम ऋषि […]

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बारिश और तीन सारथी - Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी – Test of Attitude

बारिश और तीन सारथी एक बार की बात है, एक गाँव में मेला लगा हुआ था। मेले में जाने के लिए सड़क पर कई बैलगाड़ियाँ जा रही थीं। ये खुली हुई बैलगाड़ियाँ थीं, जिन्हें बैल खींच रहे थे और उन पर बैठे हुए लोग बैलों को सही दिशा में ले जा रहे थे। अचानक भारी […]

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सुनहरी-हवा-का-रहस्य---The-Secret-of-the-Golden-Breeze

सुनहरी हवा का रहस्य – The Secret of the Golden Breeze

सुनहरी हवा का रहस्य रात का समय था, गाँव की गलियों में हल्की ठंडक थी और पेड़ों के बीच से गुजरती सुनहरी हवा चमकती लकीरों की तरह आसमान में फैल रही थी। गाँव की बच्ची ध्वनि अक्सर इस हवा को महसूस करती थी। जब बाकी सब बच्चे सो जाते, तब वह अपनी खिड़की पर बैठकर […]

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सिंहासन बत्तीसी कथा 2 – चित्रलेखा की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 2  दिन के दूसरे पहर में राजा भोज एक बार फिर उस दिव्य सिंहासन पर बैठने चले। जैसे ही वे सिंहासन पर बैठने वाले थे, उसी क्षण दूसरी गुड़िया वहाँ से बाहर आ गई। गुड़िया बोली, “ठहरिए महाराज। मेरा नाम चित्रलेखा है। इस सिंहासन पर बैठने से पहले राजा विक्रमादित्य की यह […]

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