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विक्रम-और-बेताल-Vikram-and-Betal

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस भाग तेईस

विक्रम और बेताल: संपत्ति का सही वारिस घोर अंधेरा फैला हुआ था। रात की निस्तब्धता को केवल झींगुरों की आवाजें ही तोड़ रही थीं। राजा विक्रम अपनी दृढ़ चाल के साथ जंगल से होते हुए फिर उसी श्मशान की ओर बढ़ रहे थे। हवा भारी थी, पर उनका संकल्प इससे भी अधिक दृढ़। बेताल हमेशा […]

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Saktuprasta-and-Squirrel-Heaven-Story---सक्तुप्रस्त-और-स्वर्ण-धूसर-गिलहरी-की-कथा

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी – Saktuprasta and Squirrel of Heaven

सक्तुप्रस्त और स्वर्ण-धूसर गिलहरी एक समय की बात है, एक गिलहरी थी जिसके शरीर का दाहिना भाग स्वर्णिम था और बायाँ भाग धूसर वर्ण का था। जहाँ कहीं भी कोई यज्ञ होता, वह गिलहरी वहाँ जाकर भूमि और जल में लोटने लगती। एक दिन पाण्डवों में ज्येष्ठ, युधिष्ठिर अर्थात धर्मराज, एक महान यज्ञ का अनुष्ठान […]

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उल्लू-और-सुबह-का-पंछी-_-The-Owl-and-the-Morning-Bird

उल्लू और सुबह का पंछी | The Owl and the Morning Bird

उल्लू और सुबह का पंछी  घना जंगल था जहाँ सुबह की हल्की धूप पेड़ों के पत्तों पर गिरकर एक अलग ही चमक पैदा करती थी। जंगल के सभी पक्षी सुबह-सुबह जागकर उड़ान भरते थे और अपनी मीठी आवाजों से पूरे माहौल को ताज़ा कर देते थे। लेकिन उसी जंगल के एक पुराने पेड़ की खोखी […]

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मृत्यु-को-जीतने-वाला-बालक---The-Boy-Who-Defeated-Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक – The Boy Who Defeated Death

मृत्यु को जीतने वाला बालक साधु मृकण्डु और उनकी पत्नी मरुद्मती का आश्रम शांति से भरा था, पर उनके हृदय में एक टीस थी। आध्यात्मिक ज्ञान और सादगी के सभी सुख होने के बावजूद, एक संतान का सुख उनसे दूर था। वर्षों तक उन्होंने अविचल भक्ति से भगवान शिव की आराधना की और एक पुत्र […]

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15 सर्वश्रेष्ठ पंचतंत्र की नैतिक कहानियाँ हिंदी में

पंचतंत्र की 15 श्रेष्ठ नैतिक कहानियाँ हिंदी में – बच्चों के लिए शिक्षाप्रद कथाएँ

1. मूर्ख साधु एक गाँव में देव शर्मा नाम का एक बहुत ही प्रतिष्ठित और ज्ञानी साधु रहता था। सारा गाँव उसका बहुत आदर करता था। लोग अपनी मन्नतें पूरी होने पर या धर्म के नाम पर उसे तरह-तरह के कीमती उपहार दिया करते थे। साधु इन उपहारों को बेचकर बहुत सारा धन एकत्र कर […]

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सुई वाला पेड़

एक जंगल के पास दो भाई रहते थे। बड़ा भाई छोटे के प्रति बहुत निर्दयी था। वह सारा खाना स्वयं खा जाता और छोटे के नए कपड़े भी पहन लेता। एक दिन बड़े भाई ने जंगल से लकड़ियाँ काटकर बेचने का विचार किया। पेड़ काटते-काटते वह एक जादुई पेड़ के पास पहुँचा। पेड़ बोला, “हे […]

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singhasan-battisi-story-15-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 – सुंदरवती की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 15 राजा भोज जब पंद्रहवें दिन पुनः सिंहासन के समीप पहुँचे, तभी पंद्रहवीं गुड़िया सुंदरवती प्रकट हुई और बोली कि हे राजन, मैं सुंदरवती हूँ। इस सिंहासन पर बैठने का प्रयास करने से पहले आपको राजा विक्रमादित्य की उदारता की यह कथा सुननी होगी, और फिर स्वयं विचार करना कि आप इस […]

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जिराफ़-और-छोटा-खरगोश-–-The-Giraffe-and-the-Little-Rabbit

जिराफ़ और छोटा खरगोश – The Giraffe and the Little Rabbit

जिराफ़ और छोटा खरगोश हरे मैदानों और ऊँचे पेड़ों से घिरे शांत जंगल में कई तरह के जानवर रहते थे। वहाँ सूरज की रोशनी पेड़ों की पत्तियों से छनकर जमीन पर गिरती और हवा में फूलों की महक घुली रहती थी। इसी जंगल में एक लंबा, सुडौल और ऊँची गर्दन वाला जिराफ़ भी रहता था। […]

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singhasan-battisi-story-3-in-hindi

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 – चंद्रकला की कथा

सिंहासन बत्तीसी कथा 3 सिंहासन बत्तीसी की तीसरी गुड़िया चंद्रकला की यह कहानी न्याय, पराक्रम, साहस और भाग्य के अद्भुत संगम को दर्शाती है। एक दिन सुबह-सुबह राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए आगे बढ़े ही थे कि तीसरी गुड़िया चंद्रकला अपने स्थान से निकलकर उनके सामने आ खड़ी हुई। उसने कहा कि वे […]

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एकता में ही बल है - Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है – Together we stand, Divided we fall

एकता में ही बल है एक समय की बात है, एक बूढ़े पिता थे और उनके चार पुत्र थे। चारों पुत्र अब युवावस्था में आ चुके थे। हर कोई बीस के दशक में था और दुनिया को जीतने के लिए तैयार था। वे सभी शिक्षित थे, पर समस्या यह थी कि वे आपस में एक […]

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